Mohini Ekadashi 2021 Parana Time: हिंदू धर्म ग्रंथों के मुताबिक़, मोहिनी एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है. इस दिन भगवान विष्णु के मोहिनी स्वरूप की पूजा की जाती है. इस लिए इस एकादशी को मोहिनी एकादशी कहते हैं. हिंदू पंचांग के मुताबिक़, यह व्रत वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है.

मोहिनी एकादशी व्रत पूजा विधि: एकादशी व्रत के दिन व्रतधारी को सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर सभी दैनिक कार्य स्नानादि करके पूजा स्थल पर बैठें. पूजा बेदी पर पूजा चौकी रखें. अब भगवान विष्णु के मोहिनी स्वरूप का या मां लक्ष्मी सहित भगवान विष्णु का चित्र स्थापित करें. उनके सामने हाथ जोड़कर व्रत का संकल्प लेकर पूजा शुरू करें. घी का दीपक जलाकर धूप, दीप, नैवेद्य पुष्प, अक्षत और प्रसाद चढ़ाएं. अब भगवान विष्णु को भोग लगाएं. अब भगवान विष्णु के मोहिनी स्वरूप की कथा सुनें या पढ़ें. इसके बाद भगवान विष्णु की आरती करें. व्रती भगवान के भोग के लिए तुलसी दल अवश्य शामिल करें क्योंकि बिना तुलसी के विष्णु भगवान भोग स्वीकार नहीं करते हैं.  इसके बाद पूरा दिन फलाहारी व्रत रखें. अगले दिन पारण के लिए शुभ मुहूर्त में पारण करके व्रत को तोड़े. जरूरत मंद को भोजन कराकर अन्न ग्रहण करें.

मोहिनी एकादशी व्रत के पारण का समय : मोहिनी एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि को किया जाता है. जिन लोगों मोहिनी एकादशी का व्रत ने 22 मई को रखा है. वे अगले दिन अर्थात 23 मई को दोपहर बाद 1.40 पीएम से 4.25 पीएम के मध्य पारण करें. और जिन लोगों ने मोहिनी एकादशी का व्रत 23 मई को रखें है वे अगले दिन यानी 24 मई को सुबह 05: 26 बजे से सुबह 08:10 बजे तक पारण करें. धार्मिक मान्यता है कि त्रयोदशी में एकादशी व्रत का पारण करना अशुभ फलदायी होता है.

मोहिनी एकादशी शुभ मुहूर्त

  • एकादशी तिथि प्रारम्भ:  22 मई 2021 को 09 : 15 एएम बजे से.
  • एकादशी तिथि समाप्त: 23 मई 2021 को 06 : 42 एएम बजे तक
  • पारण का शुभ मुहूर्त : 23 मई को दोपहर बाद 1.40 से शाम 4.25 तक और 24 मई को सुबह 05: 26 बजे से सुबह 08:10 बजे तक.



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