मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में जहरीली शराब पीने से 20 लोगों की हुई मौत के बाद सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कार्रवाई की है। चौहान ने जिले के कलेक्टर और एसपी को हटा दिया है। मामले की जांच के लिए 3 सदस्यीय विशेष जांच दल का भी गठन किया गया है। सूबे में पिछले नौ महीने में जहरीली शराब पीने से कम से कम 42 लोगों की मौत हो चुकी है। 

इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आनन-फानन में बुधवार को अपने निवास पर उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। सी.एम. ने मुरैना के कलेक्टर अनुराग वर्मा और एसपी अनुराग सुजातिया को हटाने का आदेश दिया है। साथ ही उन्होंने SDOP को भी सस्पेंड करने के आदेश दे दिया है। सीएम ने कहा कि मुरैना की घटना अमानवीय और तकलीफ पहुंचाने वाली है। मिलावट के विरुद्ध अभियान संचालित है, फिर भी घटना दुखद है। ऐसे मामलों में कलेक्टर और एसपी दोषी होंगे, एक्शन लिया जाएगा। मैं मूकदर्शक नहीं रह सकता।

आपको बता दें कि, 5 साल पहले मुरैना के जिस विसंगपुरा-मानपुर में शराबबंदी का निर्णय लिया गया था। अब उसी गांव में जहरीली शराब पीने से 3 दिन में 20 लोगों की जान चली गई। मरने वालों में आठ लोग मानपुरा गांव के हैं, जिनमें शराब तस्कर का भाई भी शामिल है। सुमावली के पहावली गांव के चार लोगों की मौत हुई है। इनमें दो सगे भाई हैं। इस मामले में प्रभारी आबकारी अधिकारी जावेद खां और बागचीनी थाना प्रभारी अविनाश राठौड़ समेत दो बीट प्रभारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। 

मामले में 10 से ज्यादा हिरासत में
पुलिस ने बताया है कि, अवैध शराब बेचने वाले सात शराब तस्कर मुकेश किरार, मानपुरा के गिर्राज किरार, उसके बेटे राजू किरार, पप्पू शर्मा और उसके बेटे कल्ला शर्मा, रामवीर राठौड़ और उसके बेटे प्रदीप राठौड़ के खिलाफ गैर इरादतन हत्या समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने 10 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है।





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