New Labour Code : एक अक्टूबर यानी अगले महीने की पहली तारीख से क्या नए श्रम कानून लागू होंगे? अगर ये नियम लागू हुए तो जहां आपका ऑफिस टाइम बढ़ जाएगा वहीं, सप्ताह में दो दिन के बजाए तीन दिन की छुट्टी भी मिलेगी। ये नये नियम आपकी इन हैंड सैलरी और पीएफ को भी प्रभावित करेंगे। हालांकि, श्रम मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार सरकार ये नए नियम 1 अक्टूबर से लागू नहीं करेगी। इसकी दो वजहें बताई जा रही हैं। पहली, राज्यों द्वारा ड्राॅफ्ट तैयार करने में हो रही देरी और दूसरी, उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों के चुनाव।
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नए श्रम कानून का क्या होगा आपकी जेब पर असर
इन कानूनों का कार्यान्वयन इस दृष्टि से महत्वपूर्ण है कि इनके लागू होते ही कर्मचारियों के हाथ में आने वाला वेतन घट जाएगा और कंपनियों को ऊंचे भविष्य निधि दायित्व का बोझ उठाना पड़ेगा। नए लेबर कोड के तहत भत्तों की सीमा 50 प्रतिशत होगी। इसका मतलब है कि कुल वेतन का आधा कर्मचारियों का मूल वेतन होगा। भविष्य निधि योगदान की गणना मूल वेतन के प्रतिशत के हिसाब से की जाती है। इसमें मूल वेतन और महंगाई भत्ता शामिल रहता है।
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काम के घंटे 12 घंटे करने का प्रस्ताव
नए ड्राफ्ट कानून में कामकाज के अधिकतम घंटों को बढ़ाकर 12 करने का प्रस्ताव पेश किया है। ओएसच कोड के ड्राफ्ट नियमों में 15 से 30 मिनट के बीच के अतिरिक्त कामकाज को भी 30 मिनट गिनकर ओवरटाइम में शामिल करने का प्रावधान है। मौजूदा नियम में 30 मिनट से कम समय को ओवरटाइम योग्य नहीं माना जाता है। ड्राफ्ट नियमों में किसी भी कर्मचारी से 5 घंटे से ज्यादा लगातार काम कराने को प्रतिबंधित किया गया है। कर्मचारियों को हर पांच घंटे के बाद आधा घंटे का विश्राम देने के निर्देश भी ड्राफ्ट नियमों में शामिल हैं। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति दिन में 12 घंटे काम करता है तो उसे सप्ताह में दो बजाए तीन दिन छुट्टी मिलेगी।







