ई-कॉमर्स प्लैटफार्म Nykaa का संचालन करने वाली कंपनी एफएसएन ई-कॉमर्स वेंचर्स लिमिटेड ने सोमवार को कहा कि उसने अपने प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के तहत कीमत का दायरा 1,085-1,125 रुपये प्रति शेयर तय किया है। कंपनी का आईपीओ 28 अक्टूबर को बोली के लिए खुलेगा और एक नवंबर को बंद होगा।
एक बयान में कहा गया कि आईपीओ के तहत 630 करोड़ रुपये के ताजा शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि इसमें मौजूदा शेयरधारकों द्वारा 41,972,660 इक्विटी शेयरों की बिक्री पेशकश शामिल है। Nykaa ने बताया कि पेशकश में पात्र कर्मचारियों के लिए 250,000 इक्विटी शेयर आरक्षित हैं। न्याका सौंदर्य उत्पादों की खरीद के लिए एक ऑनलाइन मंच है, जिसकी शुरुआत 2012 में हुई थी।
14 कंपनियों को आईपीओ लाने की मंजूरी
14 कंपनियों को आईपीओ लाने के लिए पूंजी बाजार नियामक सेबी से मंजूरी मिल चुकी है। जिन कंपनियों को मंजूरी मिली है उनमें पेटीएम, आधार हाउसिंग फाइनेंस, स्टार हेल्थ एंड अलायंड इंश्योरेंस, पॉलिसीबाजार, इक्योर फार्मा, अडाणी विल्मर और Nykaa शामिल हैं। इन कंपनियों की आईपीओ में 4,000 करोड़ और 16,000 करोड़ रुपये के बीच जुटाने की योजना है। इसके साथ ही पारादीप फोसफेट्स, वेदांत फैशन्स, सीएमएस इंफोसिस्टम्स और नॉर्दर्न आर्क की भी दिसंबर तिमाही में बाजार से 2,000-2,500 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है।
पेटीएम लाएगी सबसे बड़ा आईपीओ
मोबीक्विक, पारादीप फोटोस्टेट्स, सीएमएस इंफोसिस्टम्स, नॉर्दन आर्क, सफायर फूड्स और टार्सन्स प्रोडक्ट्स अपने आईपीओ को अक्तूबर में लॉन्च कर सकते हैं, जबकि डिजिटल पेमेंट्स कंपनी पेटीएम की भी नवंबर में सूचीबद्ध होने की योजना है। घरेलू फिनटेक कंपनी ने 16 हजार करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए फाइल किया है, जिसके भारत में अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ होने की उम्मीद है। यह नियामक से मंजूरी का इंतजार कर रहा है।
अब तक 42 कंपनियां सूचीबद्ध
इस साल अब तक 42 कंपनियां प्राइमेरी मार्केट में आई हैं और उन्होंने रिकॉर्ड 69,676 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इसी के साथ विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने अब तक 2021 में नेट 38 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया है, जिसने आईपीओ में जुटाए गए फंड का करीब 55 फीसदी का योगदान दिया है। 1 अप्रैल से सूचीबद्ध हुए 24 आईपीओं में, 18 अपने ऑफर प्राइस से ज्यादा पर ट्रेड कर रहे हैं, जबकि छह ने नकारात्मक रिटर्न दिया है।
निवेशकों के पास मौका
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि जिस तरह के आईपीओ आने वाले हैं, उससे निवेशक सूचीबद्ध शेयरों के बजाय आईपीओ का रुख करेंगे। इससे सेकेंडरी मार्केट में आ रही तेजी पर विराम लगेगा। बाजार में बहुत लिक्विडिटी है। ऐसे में निवेशकों के पास कंपनियों के बड़े पूल में से अपनी पसंद के आईपीओ पर पैसा लगाने का मौका होगा।







