रिलायंस जियो, एयरटेल और वोडाफोन आइडिया (Vi) नई मोबाइल आइडेंटिटी सर्विस ला सकती हैं। यह नई सर्विस, मौजूदा OTP वैरिफिकेशन की जगह लेगा। मौजूदा समय में कई सर्विसेज के लिए ग्राहकों को रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर क्लाइंट की तरफ से जेनरेट किया गया OTP (वन टाइम पासवर्ड) डालना होता है। उदाहरण के लिए अगर कोई कस्टमर किसी ई-कॉमर्स साइट पर कोई बैंक ट्रांजैक्शन कर रहा है तो इसे पूरा करने के लिए OTP वैरिफिकेशन की जरूरत होती है।

 

नई टेक्नोलॉजी से कस्टमर वैरिफाई करेंगी कंपनियां
हालांकि, इकनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि टेलिकॉम कंपनियां जल्द ही अपने कस्टमर्स को एक नई टेक्नोलॉजी की मदद से उनके मोबाइल नंबर्स का इस्तेमाल करते हुए वैरिफाई करेंगी। इस टेक्नोलॉजी का नाम Mobile Identity है। टॉप 3 टेलिकॉम कंपनियों को उम्मीद है कि यह नया फीचर साल 2021 की पहली छमाही के आखिर तक लाया जा सकता है। हालांकि, यह रेगुलेटरी क्लीयरेंस मिलने पर निर्भर करेगा। फिलहाल, इस फीचर के पायलट प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। 

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फ्रॉड रोकने में कारगर होगा नया फीचर
रिलायंस जियो, एयरटेल और वोडाफोन आइडिया (Vi) को उम्मीद है कि इस नए फीचर की मदद से कथित SIM मिररिंग के जरिए होने वाले फ्रॉड्स को रोका जा सकेगा। जालसाज, सिम मिररिंग के जरिए बैंक अकाउंट्स और दूसरे सुरक्षित डिजिटल इनक्लेव्स में सेंधमारी की कोशिश करते हैं। एक सीनियर एग्जिक्यूटिव ने बताया है, ‘हम एक खास मोबाइल आइडेंटिटी फीचर पर काम कर रहे हैं, जो कि एक बार में सुरक्षित ट्रांजैक्शन सुनिश्चित करेगा।’ 

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टेलिकॉम कंपनियां रूट मोबाइल जैसी कंपनियों के साथ साझेदारी कर सकती हैं, जो कि ऐसी मोबाइल आइडेंटिटी सर्विसेज उपलब्ध कराती हैं। रूट मोबाइल की वेबसाइट पर उपलब्ध इंफॉर्मेशन के मुताबिक, Mobile Identity एक सुरक्षित यूनिवर्सल लॉगिन- सॉल्यूशन है, जो कि यूजर्स को उनके मोबाइल फोन से मैच करता है।



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