PM Kisan Samman Nidhi Latest News: पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त लटकने के मामले में सबसे ऊपर आंध्र प्रदेश है। यहां के 321378 किसानों का पेमेंट पेंडिंग है। वहीं, दूसरे नबंर पर उत्तर प्रदेश के 87,466 किसान हैं, जबकि तीसरे नंबर पर महाराष्ट्र के 23605 और चौथे नंबर पर राजस्थान के 19702 किसान हैं। 

इस बार पेमेंट फेल होने वाले खातों की संख्या भी अधिक है यानी सरकार ने पैसा तो भेजा, लेकिन किसानों के खातों में नहीं पहुंचा। ऐसे लाभार्थियों की सबसे ज्यादा संख्या उत्तर प्रदेश के किसानों की है। यहां 136858 किसानों का पेमेंट फेल चुका है। ये आंकड़े पीएम किसान पोर्टल पर दिए गए हैं।

बता दें प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना अंतर्गत कृषि विभाग द्वारा केंद्र सरकार को भेजे गए कुछ सत्यापित आवेदनों में PFMS द्वारा फंड ट्रांसफर के समय कई तरह की गलतियां पायी गईं, जिससे किस्त की रकम ट्रांसफर नहीं हो पा रही। इस वजह से आवेदन में हुई गलतियों को सुधार के लिए वापस भेज दी जा रही हैं।

राज्य कुल लाभार्थी पेमेंट फेल पेमेंट लटका
ANDAMAN AND NICOBAR ISLANDS 17,280 92 0
ANDHRA PRADESH 5,810,864 46,580 321,378
ARUNACHAL PRADESH 98,234 404 0
ASSAM 3,122,499 7,384 0
BIHAR 8,190,262 24,661 1,214
CHANDIGARH 462 0 0
CHHATTISGARH 3,664,673 15,699 0
DELHI 16,280 125 30
GOA 11,794 99 0
GUJARAT 6,291,597 46,983 114
HARYANA 1,943,945 17,202 9
HIMACHAL PRADESH 951,483 10,385 0
JAMMU AND KASHMIR 1,205,690 5,628 8
JHARKHAND 3,071,111 4,795 1,559
KARNATAKA 5,658,953 65,116 0
KERALA 3,709,781 17,546 3
LADAKH 18,872 127 22
LAKSHADWEEP 2,120 1 0
MADHYA PRADESH 8,852,387 38,562 1,125
MAHARASHTRA 11,427,148 64,571 23,605
MANIPUR 596,956 17,146 0
MEGHALAYA 192,274 519 4
MIZORAM 198,881 370 0
NAGALAND 213,564 701 0
ODISHA 4,050,227 48,203 68
PUDUCHERRY 11,108 27 0
PUNJAB 2,375,051 13,585 5
RAJASTHAN 7,755,609 43,798 19,702
SIKKIM 19,652 91 22
TAMIL NADU 4,863,354 21,595 165
TELANGANA 3,933,838 25,169 17
THE DADRA AND NAGAR HAVELI AND DAMAN AND DIU 15,011 66 3
TRIPURA 238,900 1,302 428
UTTAR PRADESH 27,975,947 136,858 87,466
UTTARAKHAND 912,439 7,928 4
WEST BENGAL 2,205,375 1,585 0

स्रोत: पीएम किसान पोर्टल

इन वजहों से फंस जाती है किस्त

  • किसान का नाम “ENGLISH” में होना जरूरी है 
  • जिन किसान का नाम आवेदन में “HINDI” में है, कृपया नाम संशोधित करें।
  • आवेदन में आवेदक का नाम और बैंक अकाउंट में आवेदक का नाम भिन्न होना
  • किसान को अपने बैंक शाखा जा कर बैंक में अपना नाम आधार और आवेदन में दिये गए नाम के अनुरूप करना होगा।
  • IFSC कोड लिखने में गलती।
  • बैंक अकाउंट नंबर लिखने में गलती।
  • गांव के नाम में गलती।

उपर्युक्त सभी प्रकार की त्रुटियों में सुधार के लिए आधार सत्यापन जरूरी है। आधार सत्यापन के लिए किसान अपने निकटतम CSC/वसुधा केंद्र/ सहज केंद्र से संपर्क करें।

ऑनलाइन ऐसे ठीक करें गलतियां

  • आपको सबसे पहले पीएम किसान की वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाना होगा।
  • यहां आपको उपर की ओर एक लिंक फॉर्मर्स कॉर्नर दिखेगा
  • इस लिंक पर क्लिक करेंगे तो आधार एडिट का एक लिंक दिखेगा, जहां आपको क्लिक करना होगा।
  • इसके बाद आपके सामने जो पेज खुलेगा, उस पर आप अपने आधार नंबर को करेक्ट कर सकते हैं
  • वहीं अगर खाता संख्या गलत हो भर दिए हैं और आप अपने खाता संख्या में कोई परिवर्तन कराना चाहते हैं तो आपको अपने कृषि विभाग कार्यालय में या लेखपाल से संपर्क करना होगा। वहां पर जाकर आप इसकी हुई गलती में सुधार करवा सकते हैं।

33 लाख अपात्रों के खातों में गई रकम की होनी है वापसी

किसान होने के बावजूद कुछ लोगों को इस योजना का पात्र नहीं माना जाएगा। इनमें एमपी, एमएलए, मंत्री और मेयर को लाभ नहीं मिलेगा। अगर उन्होंने किसी तरह की धांधली से पैसा ले भी लिया तो वापस करना होगा। मल्टी टास्किंग स्टाफ, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को छोड़कर केंद्र या राज्य सरकार में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को लाभ नहीं मिलेगा। ऐसे लोगों ने लाभ लिया और आधार लिंक होने से ब्योरा सामने आया तो यह उनके लिए उल्टा पड़ सकता है।

वहीं,पेशेवर, डाक्टर, इंजीनियर, सीए, वकील, आर्किटेक्ट जो कहीं खेती भी करते हों को भी लाभ नहीं मिलेगा। इनकम टैक्स देने वाले और 10 हजार से अधिक पेंशन पाने वालों को भी लाभ से वंचित रखने का प्रविधान है। आयकर देने वालों ने यदि किस्त ले भी ली हैं तो उन्हें तीसरी बार में पकड़ लिया जाएगा। चिह्नित हो चुके अपात्रों के बैंक खाते में अगली किस्त का पैसा जमा नहीं कराया जा रहा है।



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