पीएम किसान सम्मान निधि स्कीम की सातवीं किस्त के रूप में 11 करोड़ से ज्यादा किसानों के खाते में 2000 रुपये अगले 15 दिन में आने वाले हैं। पीएम किसान योजना के तहत अब तक देश के 11.17 करोड़ किसान सालाना 6000 रुपये का लाभ उठा रहे हैं। केंद्र सरकार अब तक 2000-2000 की छह किस्त किसानों के खाते में भेज चुकी है। अब अगली यानी 7वीं किस्त दिसंबर से आनी है, लेकिन अब तक लाखों लोगों के खातों में छठी किस्त नहीं पहुंची है। इनमें सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश के किसान हैं। बहुत हद तक संभव है कि ऐसे किसानों को सातवीं किस्त भी न मिले। यह तभी मिलेगी, जब उन्हें ये पता चल जाए कि आखिर रजिस्ट्रेशन के बावजूद किस्त नहीं आने कि वजह क्या है? तो घबराएं नहीं, पहले इस लिस्ट पर एक नजर डालें,  आगे आपको वजह भी बताएंगे और इसका समाधान भी।

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अगर आवेदन के बाद भी आपके बैंक अकाउंट में पैसे नहीं आए हैं तो अपना रिकॉर्ड चेक कर लें कि कहीं उसमें गलती तो नहीं है। इसके लिए आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं है बल्कि आप घर बैठे अपने मोबाइल से ही ठीक कर सकते हैं, अगर आपने पीएम किसान ऐप डाउन लोड किया है तो गलतियां सुधारना और भी आसान है। आइए जानें कैसे करें इन गलतियों को ठीक…

  • PM-Kisan Scheme की ऑफिशियल वेबसाइट (https://pmkisan.gov.in/) पर जाएं। इसके फार्मर कॉर्नर के अंदर जाकर Edit Aadhaar Details ऑप्शन पर क्लिक करें।
  • आप यहां पर अपना आधार नंबर दर्ज करें। इसके बाद एक कैप्चा कोड डालकर सबमिट करें।
  • अगर आपका केवल नाम गलत होता है यानी कि अप्लीकेशन और आधार में जो आपका नाम है दोनों अलग-अलग है तो आप इसे ऑनलाइन ठीक कर सकते हैं।
  • अगर कोई और गलती है तो इसे आप अपने लेखपाल और कृषि विभाग कार्यालय में संपर्क करें

पेमेंट फेल होने कस कारण

बता दें फंड ट्रांसफर ऑर्डर जनरेट होने के बावजूद भुगतान फेल होने की कई वजह हो सकती है। इसकी सबसे बड़ी वजह है आवेदन में लिखा गया नाम आधार से मैच नहीं कर रहा या बैंक अकाउंट से नाम नहीं मिल रहा। किसी ने आधार नंबर सही नहीं डाला है या बैंक का आईएफएससी कोड में गलती कर रखी है। आवेदनकर्ताओं के नाम, मोबाइल नंबर और बैंक अकाउंट नंबर में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है। 

सबसे ज्यादा महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और यूपी के मामले

पीएम किसान पोर्टल पर उपलब्ध आंकाड़ों के मुताबिक पेमेंट फेल होने के सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और यूपी के हैं। बता दें खाता अमान्य होने का दूसरा कारण अस्थायी रोक या जो खाता संख्या दिया गया वो बैंक में मौजूद नहीं था। यह भी हो सकता है बैंक पीएफएमएस यानी सार्वजनिक वित्त प्रबंधन प्रणाली में रजिस्टर्ड नहीं था। किस्त न मिलने की एक वजह यह भी हो सकती है कि नेशनल पेमेंट कारपोरेशन ऑफ इंडिया में आधार सीडिंग नहीं हुई हो।



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