Modi with Shah in shocked due to Karnatak political event by Janardan Reddy
Why Pm Modi is aferaiding to meet protester farmers

#PM Modi# Gen. election 2024# Haryana & Maha Politics# CM ML Khattar# CM Eknth Shinde# ChandraBabu Naidu# Akali Dal# UP & Gujrat#

जैसे जैसे 2024 का आम चुनाव करीब आ रहा है। वैसे वैसे पीएम मोदी शाह के साथ साथ बीजेपी की बेचैनी बढ़ती जा रही है। एक तरफ विपक्षी दल करीब आ रहे हैं। दूसरी ओर उनके घटक दल एनडीए से छिटक रहे हैं। 2019 के आम चुनाव के वक्त एनडीए में 28 दल शामिल थे। आज के समय में उनके पास केवल 18 ही दल हैं। चुनाव आते आते कुछ और दल एनडीए से नाता तोड़ सकते हैं। यही वजह है कि मोदी सरकार और बीजेपी अपने छिटके हुए पुराने दलों को साधना शुरू कर दिया है उनमें टीडीपी और अकाली दल हैं जिन्हें बीजेपी फिर से थामने की तैयारी में है हो सकता है। ये दोनों दज एनडीए में शामिल भी हो जायें। लेकिन उनकी परेशानियां संघ के मुखपत्र आर्गनाइजर में छपे एक लेख ने बढ़ा दी हैं। उस लेख में छपा है कि आगामी आम चुनाव पीएम मोदी और हिन्दुत्व के नाम जीता नहीं जा सकता है। इससे साफ हो जाता है कि संघ भी समझ गया है कि नरेंद्र मोदी का जादू अब जनता में काम नहीं आने वाला। जनता मोदी के लुभावने वादों और भाषणों से बोर हो चुकी है। इस बार भाजपा का यह नारा कि मोदी के सामने कौन नहीं चल पायेगा। महाराष्ट्र के बाद अब भाजपा की हरियाणा सरकार संकट में आ गयी है।
छह माह में तीन करारी हार से भाजपा झुंझलाई
नवंबर से जूून तक भाजपा केवल गुजरात में ही अपनी नाक बचा पायी है। वहां पहले से ही बीजेपी की सरकार पिछले कई दशकों से है। वहां पर भाजपा ने अपना वर्चस्व कायम रखा है। लेकिन दिल्ली में एमसीडी हिमाचल और कर्नाटक में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि पीएम मोदी का जादू अब लेागों के गले उतर नहीं रहा है। पीएम की ताबड़ तोड़ जनसभाएं और रैलियों में भीड़ तो जुटा रही है लेकिन उन्हें वोटर में बदलने में सफल नहीं हो पा रहे हैं। हिमाचल और कर्नाटक इस बात का जीता जागता नमून है। वहीं कांग्रेस को हिमाचल और कर्नाटक की प्रचंड जीत से संजीवनी मिली है। वो दुगने जोश से मध्यप्रदेश में बीजेपी का किला ढहाने की कवायद में जुट गयी है। इस बात से भी बीजेपी और पीएम की चिंताएं बढ़ गयी हैं। केवल यूपी और गुजरात में ही भाजपा की मजबूत सरकारें हैं बाकी सब जगह भाजपा की हालत खस्ता नजर आ रही है। असम में भाजपा की सरकार है लेकिन असम इतना बड़ा राज्य नहीं है कि भाजपा उसके भरोसे आम चुनाव की जंग जीत सके।

Shiv sena Ekhath Shinde gut is creating new dispute betweende BJP. Sue to this problem Maharashtra govt. is disturbed
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भाजपा के लिये सिर दर्द बने हरियाणा और महाराष्ट्र
ताजा मामला हरियाणा की सरकार का है। यहां भाजपा और जेजेपी की साझा सरकार है। यहां भी आपसी मतभेद सामने आ रहे हैं। पिछले चुनाव में भाजपा को बहुमत का आंकड़ा नहीं मिला था। तब उसने जेजेपी के साथ तालमेल बिठा कर दोबारा सरकार बनायी थी। सीएम खट्टर के स्वभाव से न तो जनता खुश थी और न विधायक लेकिन केन्द्रीय नेतृत्व के दबाव से कोई आवाज नही उठा पा रहा था। जेजेपी की मदद से खट्टर एक बार फिर से सत्ता हथियाने में सफल हो गये। लेकिन हरियाणा पुलिस ने हाल ही में सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रहे किसानों पर बर्बरतापूर्ण ढग से लाठी चार्ज किया इससे जेजेपी विधायकों में गुस्सा व्याप्त है। एक विधायक रामकरन काला ने मंत्री की प्रेसवार्ता के दौरान ही अपना गुस्सा दिखाते हुए चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया। जेजेपी के अन्य विधायक भी इस लाठीचार्ज से काफी खफा हैं। डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला को उन्होंने अपनी नाराजगी जतायी है। हरियाणा के प्रभारी विप्लब देव ने यह कह कर कि उचाना विधान सभा से अबकी बार भाजपा का विधायक होगा। उचाना से जेजेपी के विधायक दुष्यंत चौटाला वर्तमान में विधायक है। जेजेपी के अंदर विप्लब देब के बयान से काफी बेचैनी है।
शिंदे के बेटे भाजपा के रवैये से खफा
वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र में भी सरकार संकट में आती दिख रही है। सीएम एकनाथ शिंदे के सांसद ​बेटे श्रीकांत शिंदे ने बयान दिया कि भाजपा के नेता और मंत्री शिंदे गुट के मंत्रियों और नेताओं को कुछ नहीं समझते हैं। अगर ऐसा ही माहौल रहा तो वो सांसद पद से इस्तीफा दे देंगे। यहा इस बात को लेकर भी रार है कि भाजपा शिदे गुट को ज्यादा सीट देने को तैयार नहीं है। वहीं शिंदे गुट इस बात को लेकर अड़ गयी है वो आम चुनाव में 22 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। यह मामला भी महासरकार के पक्ष में नहीं दिख रहा है। अब मोदी शाह के लिये समस्या है कि वो शिंदे गुट को झटका दे और वहां समय से पहले चुनाव करवाये। लेकिन इससे भाजपा को फायदा न हो कर भारी नुकसान होने की आशंका है। महा राजनीति में उद्धव ठाकरे काफी तेजी से जनता तक अपनी बात पहुंचाने में सफल हो रहे हैं। हवा उनके साथ बनती जा रही है।

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