#Shivsena#MPSanjayRaut#PMLACourt#ED#MahaGovt.#MahaPolitics#BJP#CMShinde#
मनी लांड्रिंग के केस में 1 अगस्त को र्ठडी ने शिवसेना नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत को गिरफ्तार किया था। पीएमएल कोर्ट ने आज संजय राउत को हिा करने के आदेश दिया। इसके साथ ईडी को भी लताड़ लगाते हुए कहा कि बिना किसी पुख्ता सुबूतों ईडी लोगों पर आरोप लगाती है। बाद में कुछ समय तक जेल में रहने के बाद कुछ लोग ही रिहा हो पाते हैं। उधर संजय राउत ने कहा कि उनके खिलाफ साजिश रची गयी और जाल बुना गया कि मैंने 1038 करोड़ की भारी रकम मनी लांड्रिंग के जरिये। मेरी पत्नी को भी साजिश में फंसाया गया। लेकिन आज भी मेरा कोर्ट पर विश्वास कायम है।
उन्होंने प्रेस से कहा कि लगभग चार माह के बाद में रिहा हुआ हूं काफी कुछ बदल गया है। उद्धव ठाकरे की सरकार का पतन करवाया गया और अब शिंदे फडणवीस सरकार प्रदेश में काम कर रही है। सरकार के कुछ काम सही हो रहे हैं। मेरा स्वास्थ्य अभी ठीक नहीं है। जेल में भी मेरा स्वास्थ्य ठीक नहीं था। मैं ठीक होने के बाद देवेंद्र फडणवीस से भी मिलूंगा और पीएम मोदी और गृहमंत्री शाह से भी मुलाकात करूंगा। वो किसी पार्टी के नहीं वो पूरे देश के पीएम और होम मिनिस्टर हैं। उनसे मिलकर महाराष्ट्र की समस्याओं के बारे में बता कर समाधान निकलवाने का प्रयास करूंगा।
उन्होंने कहा कि इन साढ़े तीन माह के कारावास के दौरान मुझे इस बात का एहसास हुआ कि स्वतंत्रता सेनानी कैसे सालों जेल के भीतर रहे थे। अटल जी और बड़े नेता भी जेल में रहने का अनुभव ले चके हैं। मुझे लगता है कि हर राजनेता को जेल जाने का अनुभव होना चाहिये। ईडी के फर्जी केस से मुझे और मेंरे परिवार को काफी दुख का सामना करना पड़ा है। ये बात मुझ हमेशा याद रहेगी।
संजय राउत की गिनती एक तेज तर्रार शिवसेना के नेता के रूप में होती है। जब शिवसेना और बीजेपी के बीच सीएम पद की जद्दो जहद चल रही थी तो राउत ने काफी अहम् और धारदार दलीलें रखी थीं। वो ऊद्धव ठाकरे के सबसे करीबी माने जाते थे। राज्यसभा में भी उनके धमाकेदार और प्रखर भाषण काफी चर्चा में रहते थे। जब एकनाथ शिंदे ने शिवसेना से बगावत की तब भी संजय राउत ने शिवसेना के प्रति अपनी पूरी वफादारी निभाते हुए शिंदे और उनके समर्थकों को बुरी तरह निशाने पर लिया था। यही वजह थी कि बीजेपी और एकनाथ शिंदे गुट के निशाने पर संजय राउत ही रहे थे। बीजेपी और शिंदे ने मिलकर पचास साल पुरानी शिवसेना के दो हिस्से कर दिये यह बीजेपी के लिये सबसे बड़ी जीत मानी जा सकती है।








