उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव होने में अभी डेढ़ साल है लेकिन सियासी पारा चढ़ने लगा है। सत्ताधारी दल और कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी सत्ता पाने के लिये एड़ी चोटी का दम लगाती दिख रही हैं। लेकिन इनमे आम आदमी पार्टी सबसे अधिक जोश में है। इससे पहले तो कांग्रेस और बीजेपी के बीच मुकाबला होता था लेकिन इस बार आम आदमी पार्टी ने चुुनाव लड़ने का ऐलान का सबको चैंका दिया है। इससे मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। आम आदमी पार्टी ने चुनाव के लिये त्रिवेंद्र सिंह सरकार को खुली चुनौती दे डाली है। दिल्ली सरकार में डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने उत्तराखंड सरकार के प्रवक्ता मदन कौशिक को चार साल के कार्यकाल पर खुली बहस की चुनौती दे डाली है। वैसे भी मनीष सिसोदिया और मदन कौशिक के बीच ट्विटर वाॅर काफी समय से चल रहा है। मनीष सिसोदिया ने यह कहा कि शिक्षा, मेडिकल, बिजली और परिवहन पर वो उत्तराखंड सरकार को चैलेंज करते हैं कि दिल्ली के स्कूल, बिजली, पानी और स्वास्थ्य का मुकाबला कर के दिखायें। इस पर सरकार के प्रवक्ता मदन ने यह कह कर बात टाल दिया कि वो इन मुद्दों पर दिल्ली में जा कर बात करेंगें। उत्तराखंड में सियासी पारा चढ़ा, किसने चैलेंज किया सरकार को
उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव होने में अभी डेढ़ साल है लेकिन सियासी पारा चढ़ने लगा है। सत्ताधारी दल और कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी सत्ता पाने के लिये एड़ी चोटी का दम लगाती दिख रही हैं। लेकिन इनमे आम आदमी पार्टी सबसे अधिक जोश में है। इससे पहले तो कांग्रेस और बीजेपी के बीच मुकाबला होता था लेकिन इस बार आम आदमी पार्टी ने चुुनाव लड़ने का ऐलान का सबको चैंका दिया है। इससे मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। आम आदमी पार्टी ने चुनाव के लिये त्रिवेंद्र सिंह सरकार को खुली चुनौती दे डाली है। दिल्ली सरकार में डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने उत्तराखंड सरकार के प्रवक्ता मदन कौशिक को चार साल के कार्यकाल पर खुली बहस की चुनौती दे डाली है। वैसे भी मनीष सिसोदिया और मदन कौशिक के बीच ट्विटर वाॅर काफी समय से चल रहा है। मनीष सिसोदिया ने यह कहा कि शिक्षा, मेडिकल, बिजली और परिवहन पर वो उत्तराखंड सरकार को चैलेंज करते हैं कि दिल्ली के स्कूल, बिजली, पानी और स्वास्थ्य का मुकाबला कर के दिखायें। इस पर सरकार के प्रवक्ता मदन ने यह कह कर बात टाल दिया कि वो इन मुद्दों पर दिल्ली में जा कर बात करेंगें।
उत्तराखंड सरकार से पहले यूपी के एजूकेशन मिनिस्टर सिद्धार्थ नाथ सिंह ने भी डिप्टी सीएम सिसोदिया को ट्विटर पर यूपी के स्कूलों से मुकाबला करने की चुनौती दी थी। सिसोदिया ने भी यूपी के मंत्री का चैलेंज स्वीकार करते हुए कहा डिेट का स्थान दिन और टाइम तय करने को कहा। लेकिन यूपी के शिक्षा मंत्री की ओर से कोई सूचना देने के बजाय दिल्ली के स्कूलों की फर्जी फोटो ट्विटर पर सिसोदिया को भेजे। सिसोदिा ने बताया कि यूपी सरकार के मंत्री ने जो ट्विटर पर जिन स्कूलों के फोटो थे वो दो साल पुराने थे। यूपी सरकार के मंत्री की खुली बहस की चुनौती स्वीकार करने मनीष सिसोदिया व सांसद संजय सिंह के साथ यूपी की राजधानी लखनऊ के लिये निकल पड़े। यूपी पुलिस मनीष सिसोदिया को राजधानी के करीब रोक दिया। पुलिस कमिश्नर ने साफ कह दिया कि आप लखनऊ के सकूलों केा आप नहीं देख सकते हें। इस बात को लेकर पुलिस अधिकारी और मनीष सिसोदिया के बीच काफी बहस हुइ। लेकिन लोकल प्रशासन और पुलिस मनीष सिसोदिया को सरकारी स्कूलों का मुआयना करने से रोक दिया। इन सब हालात में यही लगता कि यूपी और उत्तराखंड की सरकारें अंदर से खोखली हैं। यही वजह है कि सरकारें खुली बहस से बचना चाह रही है।








