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लोजपा में बगावत से चिराग पासवान का हालात बिगड़ते जा रहे हैं। बगावत करने वाले उनके चाचा पशुपति पारस भी शामिल है। उन्होंने पाचं लोजपा सांसदों चंदन सिंह, प्रिंस राज बीना देवी, मेहबूबा अली कैसर समेत एक अन्य ने लोकसभा स्पीकर से मिलकर चिराग पासवान को लोकसभा नेता पद से हटाने की मांग की और स्पीकर ने बागी सांसदों की मांग मानते हुए चिराग को नेता पद से हटाते हुए पशुपति नाथ पारस को पार्टी का लोकसभा में नेता पद दे दिया है। ताजा हालात में लग रहा है कि पार्टी अध्यक्ष पद से भी हटाया जा सकता है। इस पद के लिये भी चिराग के चाचा पशुपति नाथ पारस अपना दावा पेश कर सकते है। इस तरह चिराग पार्टी से पूरी तरह पाॅवरलैस हो जायेंगे।
लोजपा सांसद पारस ने पार्टी तोड़ने के आरोप पर कहा कि उन्होंने पार्टी तोड़ी नहीं बल्कि बचाने का प्रयास किया है। फिलहाल उन्होंने बिहार के सीएम नितीश कुमार को विकास पुरुष बताया है। यह भी लग रहा है कि इस परिवर्तन के बाद लोजपा बिहार एनडीए शामिल हो जाये। साथ लोजपा को विश्वास में लेने के लिये बिहार सरकार में लोजपा के किसी नेता को शामिल कर लिया जाये। वैसे तो लोजपा का एक भी विधायक नहीं है ऐसे में विधानपरिषद से मनोनीत कर मंत्रिमंडल मंे जगह दी जाये।
वैसे यह उम्मीद लगायी जा रही है कि विधानसभा चुनाव में जिस तरह से चिराग पासवान ने नितीश कुमार पर निशाना साधा वो लोजपा के नेता और सांसदों को भी ठीक नहीं लग रहा था। लेकिन वो इस बात का विरोध नहीं कर पाये। लोजपा के बागी सांसद व नेता यह मानते हैं कि चिराग पासवान की हठधर्मिता बड़बोलेपन के कारण ही वो लोग बिहार में एनडीए का हिस्सा नहीं बन सके। चुनाव के दौरान बागी नेताओं ने यह तय कर लिया कि वो पार्टी में अपनी आवाज बुलंद करेंगे। लेकिन इसके लिये राजनीतिक आश्रय चाहिये था। जेडीयू और भाजपा के गुपचुप सहयोग के आश्वासन पर ही लोजपा सांसद और चिराग के चाचा पशुपति नाथ ने चार सांसदों को विश्वास में लेकर पार्टी पर कब्जा करने की योजना को अंजाम दे दिया। हालात इतने बिगड़े कि चाचा से मिलने गये चिराग को 20 मिनट तक आवास के गेट पर रखा गया। लेकिन चाचा भतीजे की मुलाकात नहीं हुई।
यह बात राजनीति में जानी जाती हे कि नितीश कुमार अपने अपमान को कभी भूलते नहीं हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान लोजपा सुप्रीमो चिराग पासवान ने नितीश कुमार को खूब अपमानित किया। इससे नितीश खून का घंूट पी कर रह गये। लोजपा बागियों की योजना जान कर उन्होंने सरकार से पूरा आश्वासन की बात कही होगी इससे उनका बदला भी पूरा हुआ और लोजपा का वजूद भी खत्म हो जायेगा।
नितीश कुमार यह जानते हैं कि केन्द्रीय मंत्रिमंडल में विस्तार कभी भी हो सकता है। ऐसे में लोजपा जो केन्द्र में एनडीए का हिस्सा है। रामबिलास पासवान के निधन के बाद एक मंत्री पद खाली हुआ है। वहां लोजपा से ही मंत्री बनाया जा सकता है। नितीश नहंी चाहते थे कि चिराग को मंत्रिमंडल मंे शामिल किया जाये। लोजपा में पड़ी फूट से नितीश की मुंह मांगी मुराद पूरी हो गयी और चिराग से बदला भी ले लिया।








