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बेबाक अंदाज में अपनी बात रखने के लिए मशहूर शायर राहत इंदौरी का निधन हो गया है। रविवार को तबीयत बिगड़ने के बाद वह इंदौर के एक निजी अस्पताल में भर्ती हुए थे। उसके बाद उनका कोविड टेस्ट हुआ था। कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें अरबिंदो अस्पताल में शिफ्ट किया गया। अरबिंदो में भर्ती होने के बाद उनकी तबीयत काफी बिगड़ गई थी। उन्हें शायद यह अहसास होने लगा था कि अब वह ठीक नहीं हो पाएंगे। मंगलवार शाम उन्होंने 70 साल की उम्र में अंतिम सांस ली है।

‘मैं अब ठीक नहीं हो पाऊंगा’

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कोरोना संक्रमित होने के बाद राहत इंदौरी का इलाज अरबिंदो अस्पताल में चल रहा था। यहां के डॉक्टर उनकी लगातार निगरानी कर रहे थे। अरविंदो अस्पताल के डायरेक्टर विनोद भंडारी ने एक न्यूज चैनल से बात करते हुए कहा कि वह लगातार अस्पताल में कह रहे थे कि मैं अब ठीक नहीं हो पाऊंगा। उसके बाद डॉक्टरों की टीम उन्हें लगातार समझा रही थी। लेकिन सोमवार से ही वह बार-बार इस बात को दोहरा रहा था।

काफी खराब थी उनकी स्थिति

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डॉ राहत इंदौरी को कई बीमारी पहले से थी। उन्हें किडनी में भी दिक्कत थी। इसके साथ ही हाइपर टेंशन, डायबिटिक, हर्ट और लंग्स में इंफेक्शन था। इसकी वजह से अस्पताल में भर्ती होने के बाद उन्हें हार्ट अटैक आया और उसके बाद स्थिति बिगड़ गई। जानकारी के अनुसार डॉ डॉक्टर राहत इंदौरी को 4 दिन पहले से बेचैनी हो रही थी। उसके बाद वह इलाज के लिए अस्पताल गए थे।

वीडियो जारी कर किया था प्रहार

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इंदौर में कोरोना जब कहर बरपा था, तब डॉक्टर्स की टीम पर हमला हुआ था। मशहूर शायर राहत इंदौर ने हमला करने वाले लोगों को एक वीडियो जारी कर जवाब दिया था। उन्होंने कहा था कि हमारे शहर में जो वाकया पेश आया, उसकी वजह से सारे मुल्क के लोगों के सामने शर्मिंदगी से गर्दन झुक गई, शर्मसारी हुई। ये लोग तबीयत देखने आए थे, उनके साथ जो आपने सलूक किया इससे पूरा हिंदुस्तान हैरत में है।

कैसे लिखते हैं रोमांटिक शायरी

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राहत इंदौरी की खासियत थी कि वह महफिल के हिसाब से ही शायरी पढ़ते थे। उन्होंने एक टीवी शो रोमांटिक शायरी को लेकर खुलासा किया था। राहत इंदौरी ने कहा था कि आदमी बूढ़ा दिमाग से होता है, दिल से नहीं। आसमां लाए हो, ले आओ, जमीं पर रख दो, क्या आपकी वाइफ भी पूछती हैं कैश लाए हो, तो कपबोर्ड पर रख दो।

बेबाक थे राहत इंदौरी

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बेबाक अंदाज की वजह से वह हमेशा सत्ता पक्ष के लोगों को खटकते थे। बेखौफ होकर राहत इंदौरी अपनी बातों को रखते थे। उन्हें कभी किसी से डर नहीं लगा। शायरी के जरिए सत्ता पक्ष के लोगों पर तीखा प्रहार करते थे। सीएए को लेकर प्रदर्शन के दौरान भी उनका एक शायरी काफी मशहूर हुआ था। ‘लगेगी आग तो आएंगे घर कई जद में, यहां पे सिर्फ हमारा मकान थोड़ी है, जो आज साहिबे मसनद हैं कल नहीं होंगे, किराएदार हैं, जाती मकान थोड़ी है, सभी का खून है शामिल यहां की मिट्टी में, किसी के बाप का हिन्दोस्तान थोड़ी है’

शोक की लहर

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उनके निधन से एमपी में शोक की लहर है। इंदौर शहर अपने सपूत को खोने पर आंसू बहा रहा है। वहीं सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर लिखा है कि ‘राह के पत्थर से बढ़ कर कुछ नहीं हैं मंज़िलें, रास्ते आवाज़ देते हैं सफ़र जारी रखो, एक ही नदी के हैं ये दो किनारे दोस्तों, दोस्ताना ज़िंदगी से मौत से यारी रखो’।राहत जी आप यूं हमें छोड़ कर जाएंगे, सोचा न था। आप जिस दुनिया में भी हों, महफूज़ रहें, सफर जारी रहे।



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