Edited By Khushendra Tiwari | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

जयपुर।

राजस्थान की सियासी संग्राम और पायलट और गहलोत खेमे की टकरार ने दिल्ली तक में भूचाल ला दिया है। वहीं अब यह विवाद हाईकोर्ट होता हुआ, सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। पहले जहां सीपी जोशी ने हाईकोर्ट ने दखल को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर करने का फैसला किया, तो वहीं शाम होते – होते सचिन पायलट ने भी कोर्ट में कैविएट लगा दी। कई हिस्सों में चल रहे इस विवाद में हालांकि जीत किसकी होगी अभी यह तय नहीं है, लेकिन यह कहा जा सकता है कि राजनीति की शतरंज में शह-मात का खेल लगातार जारी है।

अपडेट@ 11.17 AM: सुप्रीम कोर्ट में स्पीकर का पक्ष रख रहे कपिल सिब्बल ने 28 साल पुराने 1992 किहोटो होलोहोन केस का जिक्र करते हुए कहा कि हाई कोर्ट ने स्पीकर पर जिस तरह की रोक लगाई है, वह न्यायसंगत नहीं है। सिब्बल ने इसके साथ ही कहा कि स्पीकर के फैसले की न्यायायिक समीक्षा तो हो सकती है, लेकिन उससे पहले ही रोक लगाना सही नहीं है।

अपडेट 11.05 सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू

नोटिस मामले की लेकर अब सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई की जा रही है। जहां वकील कपिल सिब्बल स्पीकर सीपी जोशी की ओर से जस्टिस बी आर गवई की बेंच में अपना पक्ष रखा जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार सिब्बल ने इस मामले में सबसे पहले अपनी दलील देते हुए कहा कि कोर्ट की ओर से इस तरह आदेश नहीं दे सकता है।

अपडेट 9.00 Am आज होगी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

नोटिस मामले को लेकर अब पायलट खेमा और स्पीकर सीपी जोशी ने सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं। वहीं आज इस मामले में सुनवाई हो सकती है। स्पीकर की ओर से कपिल सिब्बल (kapil sibal ) पक्ष रखेंगे। इधर सचिन पायलट की ओर से इसे लेकर कैविएट दायर कर दी गई है। साथ ही अब केन्द्र सरकार को इस मामले में पार्टी (पक्षकार) बनाने को लेकर पालयट खेमे के विधायक पी.आर. मीणा ने भी अर्जी लगाई गई है, जिसमें उन्होंने इसे संवैधानिक मामला बताते हुए केन्द्र को पक्षकार बनाने की बात कही है। अब देखना यह है कि प्रदेश का सियासी संकट कब और कैसे टलेगा और इसका क्या नतीजा निकलेगा।

अपडेट 8.48 Am पायलट गुट की केन्द्र सरकार को पक्षकार बनाने की अर्जी

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा जस्थान की सियासी संग्राम में अब सचिन पायलट गुट की ओर से केन्द्र सरकार को पक्षकार बनाने की अर्जी लगाई गई है। इस लेकर राजस्थान हाईकोर्ट में पायलट गुट की ओर से प्रार्थना पत्र लगाया गया है, जिसमें याचिकाकर्ताओं ने भारतीय संविधान की अनुसूची 1.0 के 2.1 के हवाला देते हुए भारत सरकार को इस मामले में पक्षकार बनाए जाने की बात कही हई है। अधिवक्ताओं ने पत्र में लिखा है कि न्याय़ और विधि विभाग के सचिव को पक्षकार बनाया जाना चाहिए।

अपडेट 8.30 Am Cm गहलोत ने लिखा पीएम मोदी को पत्र

राजस्थान के राजनीतिक संकट को लेकर अब सूबे के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने आरोप लगाया है कि राजस्थान की निर्वाचित सरकार को गिराने का प्रयास केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत की ओर से किया जा रहा है। पत्र में गहलोत ने लिखा है कि कोविड-19 महामारी के इस दौर में जीवन रक्षा ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे में राजस्थान में चुनी हुई सरकार को गिराने का कुप्रयास किया जा रहा है। गहलोत ने लिखा कि इसमें भाजपा के अन्य नेता और हमारी पार्टी के कुछ अति महत्वाकांक्षी नेता भी शामिल हैं।



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