Edited By Abhishek Kumar | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

राजस्थान: कांग्रेस ने वायरल ऑडियो पर मोदी के मंत्री को घेरा
हाइलाइट्स

  • रणदीप सुरजेवाला ने कहा- करीब एक महीने से विधायकों की खरीद फरोख्त की चल रही चर्चा
  • सुरजेवाला की मांग- गजेंद्र सिंह शेखावत के ऊपर एसओजी मुकदमा दर्ज करे, पूरी जांच हो
  • ‘कांग्रेस विधायक भंवरलाल शर्मा और बीजेपी नेता संजय जैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई हो’
  • विधायकों की खरीद-फरोख्त के पर सचिन पायलट सार्वजनिक तौर से अपनी स्थिति स्पष्ट करें: कांग्रेस

जयपुर

राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व मुख्यमंत्री सचिन पायलट (Ashik Gehlot Vs Sachin Pilot) के बीच सियासी खींचतान जारी है। पूरे मामले पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला (Randeep Singh Surjewala) ने कहा कि पिछले करीब एक महीने विधायकों के खरीद फरोख्त की चर्चा चल रही है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) में एक मुकदमा दर्ज है, जिस पर जांच भी चल रही है। कई प्रकार की अटकलें लगाई गईं, 35 करोड़ रुपये तक में विधायकों की निष्ठा और विश्ववास खरीदकर राजस्थान की आठ करोड़ जनता के जनमत से चुनी गई कांग्रेस की सरकार को अस्थिर करवाने और गिराने के षडयंत्र सामने आए। इस पूरे प्रकरण में बीजेपी कई बार प्रश्न चिन्ह के दायरे में आई। बीजेपी और कांग्रेस की तरफ से वाद-विवाद हुए।

सुरजेवाला ने कहा कि बीजेपी ने जनमत का चीर हरण करने की कोशिश की है। बीजेपी अब बेनकाब हो गई है, उनके षडयंत्र की परतें खुलने लगी हैं। अब ये साफ है कि बीजेपी और मोदी सरकार चीन या कोरोना से जंग करने के बजाय सत्ता लूटने का काम कर रही है। मोदी सरकार ने कोरोना संक्रमण के बीच मध्य प्रदेश में लोकतंत्र का चीरहरण कर डाला।

राजस्थान: गहलोत ने क्यों टाला मंत्रिमंडल विस्तार?राजस्थान: गहलोत ने क्यों टाला मंत्रिमंडल विस्तार?राजस्थान में जारी सियासी घमासान में लगातार नए अपडेट आ रहे हैं। बीते दिन जहां अशोक गहलोत ने सचिन पर पैसे लेने के आरोप लगा दिए। वहीं कम शब्दों में अपनी बात कहने वाले सचिन ने भी अब मुखर होकर गहलोत के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इधर बीजेपी भी इस मामले में पूरी सक्रियता दिखा रही है।

कांग्रेस नेता ने कहा, पूरा देश कोरोना जब कोरोना से कराह रहा था तब बीजेपी के लोग कांग्रेस के विधायकों का हरण कर मध्य प्रदेश में लोकतंत्र को तार-तार कर रही थी। 24 मार्च को जब मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार को इन्होंने गिरा दिया तब जाकर लॉकडाउन लागू किया था। बीजेपी और मोदी सरकार कोरोना, आर्थिक मंदी और चीन से जंग करने के बजाय सत्ता लूटने के षडयंत्र में लगी है। इस पर उन्होंने गलत प्रांत को चुनौती दे दी। वे राजस्थान की जनता के जज्बे को समझ नहीं पाए।

​’महाराज’ भी सचिन पायलट के साथ

  • ​'महाराज' भी सचिन पायलट के साथ

    अपने बेबाक अंदाज के कारण हमेशा चर्चा में रहने वाले विश्वेन्द्र सिंह भरतपुर की रॉयल फैमिली से ताल्लुक रखते हैं। अपनी ही सरकार के खिलाफ कई बार विश्वेन्द्र सिंह बोलते नजर आए हैं। राजस्थान की राजनीति में इन्हें ‘महाराज’ भी कहा जाता है। वर्तमान गहलोत सरकार में पर्यटन मंत्री का दायित्व संभालने वाले विश्वेन्द्र सिंह ‘भरतपुर’ जाट समाज में खास पहचान रखते हैं।

  • ​इंद्रराज गुर्जर और जी आर खटाना

    जयपुर की विराटनगर सीट से आने वाले इंद्रराज गुर्जर ने पहली बार विधानसभा चुनाव जीता है। सचिन पायलट के बड़े समर्थक के रूप में जाने जाते हैं। वहीं जी.आर. खटाना दौसा की बांदीकुई विधानसभा से आते हैं और सचिन पायलट के समर्थकों में शामिल है।

  • ​मुरारी लाल मीना और हरिश मीना

    दौसा सीट ने आने वाले मुरारी लाल मीना ने बीएसपी के बाद कांग्रेस का हाथ थामा। वहीं पूर्व गहलोत सरकार में डीजीपी रहे हरिश मीना प्रशासन और ब्यूरोक्रेसी भी धाक रखते हैं। हरिश मीना ने 2014 बीजेपी की सीट से दौसा से चुनाव जीतने वाले मीना ने पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का हाथ थामा था।

  • ​राकेश पारीक और मुकेश भाकर

    राजस्थान की राजनीति के ये दोनों युवा चेहरे सचिन पायलट के बड़े समर्थकों में गिने जाते हैं। पायलट ने पारीक को सेवादल का प्रेसीडेंट बनाया । वहीं यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष में चुने गए मुकेश भाकर को एसेंबली टिकट दिलवाने में भी सचिन पायलट की बड़ी भूमिका बताई जाती है।

  • ​रमेश मीणा और भंवरलाल शर्मा

    वर्तमान गहलोत सरकार में खाद्य आपूर्ति मंत्री बने रमेण मीणा सचिन पायलट के बड़े समर्थक के रूप में जाने जाते हैं। पिछली विधानसभा में रमेश मीणा उपनेता प्रतिपक्ष भी रह चुके हैं। तीन बार एमएलए रह चुके मीणा पहली बार बीएसपी ने जीते थे। 2008 में इन्होंने कांग्रेस ज्वाइन की। इसी तरह भंवरलाल शर्मा की बात करें, तो राजस्थान कांग्रेस के सबसे वरिष्ठ साथी होने के साथ ही सात बार एमएलए रह चुके हैं, लेकिन एक बार भी मंत्री पद नहीं लिया। राजस्थान के इतिहास में सरकार को बनाने से लेकर गिराने तक में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

  • ​हेमाराम चौधरी और दीपेन्द्र सिंह शेखावत

    पूर्वी राजस्थान में अपनी खास छवि रखने वाले हेमाराम चौधरी पूर्व गहलोत सरकार में वित्त मंत्री का कार्यभार संभाल चुके हैं। छह बार राजस्थान की बाड़मेर (गढ़ामलानी) सीट से विधायक रह चुके हेमाराम की जाट बाहुल्य इलाकों में खास छवि है। वहीं पिछली गहलोत सरकार में विधानसभा अध्यक्ष रहे दीपेन्द्र सिंह शेखावत एंटी- गहलोत टीम का बड़ा नाम है। सीकर की श्रीमाधोपुर सीट से आने वाले शेखावत राजस्थान कांग्रेस से वरिष्ठ नेताओं में बड़ा नाम है।

सुरजेवाला ने कहा कि कल शाम मीडिया के माध्यम से दो ऑडियो टेप सामने आए हैं, जिसमें तथाकथित तौर से केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत, कांग्रेस विधायक भंवरलाल शर्मा और बीजेपी एमएलए संजय जैन की बातचीत सामने आई है। इस तथाकथित बातचीत में पैसों की सौदेबाजी, विधायकों की निष्ठा खरीदने और राजस्थान की सरकार गिराने का षडयंत्र सामने आया है। ये अपने आप में लोकतंत्र का काला अध्याय है।

राजस्थान संकट: कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, सचिन पायलट के लिये दरवाज़े अब भी खुलेराजस्थान संकट: कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, सचिन पायलट के लिये दरवाज़े अब भी खुलेकांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा है कि सचिन पायलट के लिये दरवाज़े अब भी खुले हुए हैं। बागी नेता ने दावा किया था कि 200 विधायकों की विधानसभा में उनके साथ 30 पार्टी विधायकों का समर्थन है और अशोक गहलोत की सरकार अल्पमत में है। जिसके बाद पार्टी विधायक दल की बैठक हुई और बैठक में 19 विधायक उपस्थित नहीं हुए।

सुरजेवाला ने ऑडियो टेप में कही गई बातों का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें साफ तौर से कहा जा रहा है कि सरकार गिरानी है। इस ऑडियो में भंवरलाल कह रहे हैं अमाउंट की बात हो गई है। हालांकि विधायकों की संख्या को लेकर बातचीत में संशय बात कही जा रही है। प्रेस कॉन्फ्रेंस सुरजेवाला ने ऑडियो की ट्रांसस्क्रिप्ट सुनाया।

ऑडियो टेप सामने आने पर कांग्रेस की डिमांड

1. सुरजेवाला ने मांग की कि केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के ऊपर एसओजी मुकदमा दर्ज करे। पूरी जांच हो। अगर पद का दुरुपयोग कर जांच को प्रभावित करने का अंदेशा हो तो, वारंट लेकर गजेंद्र शेखावत को गिरफ्तार किया जाए।

2. कांग्रेस विधायक भंवरलाल शर्मा और बीजेपी नेता संजय जैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई हो।

3. विधायकों की खरीद-फरोख्त में पैसों का आदान-प्रदान किस प्रकार से और कहां से हो रहा है। इन पैसों का इंतजाम कौन कर रहा है। हवाला से ट्रांसफर कैसे हुआ, इसकी जांच हो।

4. जांच में ये भी खुलासा हो, केंद्र की कौन सी एजेंसियां राजस्थान की सरकार को गिराने की कोशिश कर रहे हैं।

5. इस बात का भी जांच हो कि इस ऑडियो टेप के अलावा विधायकों की खरीद-फरोख्त में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

6. विधायकों की खरीद-फरोख्त के इस मसले पर सचिन पायलट भी सार्वजनिक तौर से अपनी स्थिति स्पष्ट करें।

भंवरलाल शर्मा और विश्वेंद्र सिंह कांग्रेस से निलंबित

सुरजेवाला ने भंवरलाल शर्मा को इस टेप की सत्यता जांच पूरी होने तक कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से बर्खास्त करने की घोषणा की। विश्वेंद्र सिंह को भी कांग्रेस निलंबित कर दिया गया है। दोनों विधायकों से सो कोल्ड नोटिस दिया गया है।

मुझे पैसे ऑफर किए गए: चेतन डूडी

इसी टेप में भवंरलाल शर्मा की ओर से कांग्रेस विधायक चेतन डूडी का नाम लिया जा रहा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद चेतन डूडी ने बताया कि उन्हें किस तरह से पैसे ऑफर किए गए। डूडी ने बताया कि इस तथाकथित ऑडियो में मेरा नाम है। मैं इतना कहना चाहूंगा कि मुझे प्रलोभन देने की कोशिश की गई, जिसे मैंने ठुकरा दिया। आगे जो भी जांच होगी मैं उसमें पूरा सहयोग करुंगा।

राजस्थान ऑडियो टेप लीक मामले में रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की।

राजस्थान ऑडियो टेप लीक मामले में रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की।



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