Ram Mandir News: राम मंदिर के भूमि पूजन के लिए प्रयागराज से संगम समेत तमाम पवित्र नदियों का जल भेजा जाएगा। यह जिम्मेदारी विश्व हिंदू परिषद को दी गई है।

Edited By Shivam Bhatt | Lipi | Updated:

अब 161 फीट होगी राम मंदिर की ऊंचाई
हाइलाइट्स

  • राम मंदिर के भूमि पूजन में संगम समेत देश की सभी पवित्र नदियों के जल से होगा पूजन
  • विश्व हिंदू परिषद को नदियों का जल इकट्ठा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है
  • वीएचपी नेता स्वर्गीय अशोक सिंघल ने 2013 में रखा था इस बात का प्रस्ताव
  • वीएचपी नेता ने कहा है कि भूमि पूजन के दिन देशवासी दीये जलाकर मनाएं दीवाली

प्रयागराज

उत्तर प्रदेश के अयोध्या मेंं 5 अगस्त को होने वाले रामलला के भव्य मंदिर निर्माण के भूमि पूजन मेंं तीर्थराज प्रयागराज के त्रिवेणी संगम के जल का उपयोग किया जाएगा। गंगा यमुना और अदृश्य सरस्वती के त्रिवेणी संगम का जल लाने की जिम्मेंदारी मंदिर आंदोलन मेंं अग्रणी भूमिका निभाने वाले संगठन विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) को दी गई है। वीएचपी और प्रयागराज के लोग इस गौरव से काफी खुश हैं और खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे है। वीएचपी के पदाधिकारी संगम का जल लेकर तीन अगस्त को अयोध्या जाएंगे। हालांकि, पदाधिकारियों का नाम अभी तय नहीं है।

विश्व हिंदू परिषद संगम का जल अयोध्या भेजने से पहले एक कार्यक्रम करने की तैयारी मेंं है। जल को किसी रथ पर रखकर उसे प्रयागराज मेंं घुमाने की भी बात चल रही है ताकि जल के साथ तीर्थराज के लोगों की भावनाएं भी राम की नगरी तक जा सकें। स्वर्गीय अशोक सिंघल ने कई बार कुंभ मेंं राम मंदिर के मुद्दे को उठाया था। सिंघल ने 2013 कुंभ धर्म संसद मेंं यह बात कही थी कि जब भी राम मंदिर बने भारत की सभी पवित्र नदियों के जल के साथ प्रयागराज के संगम के जल से राम मंदिर का भूमि पूजन किया जाए। कुंभ नगरी प्रयागराज मेंं धर्म संसद मेंं जब अशोक सिंघल ने यह बात रखी थी तो उस समय मौजूद सभी साधु-संतों ने इस बात का पूरा समर्थन भी किया था।



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2013 के धर्म संसद में यह भी कहा गया था कि अगर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बनते हैं तो वही राम मंदिर के भूमि पूजन मेंं शामिल हों। वीएचपी के मीडिया प्रभारी अश्वनी मिश्रा कहते हैं कि राम मंदिर के आंदोलन में स्वर्गीय अशोक सिंघल का बहुत बड़ा योगदान रहा है, आज हम लोग खुश हैं। आयोध्या मेंं भव्य राम मंदिर बनने जा रहा है और अशोक सिंघल का सपना पूरा होने जा रहा है। साथ ही मंदिर बनाने में जो लोग शहीद हुए उन सभी की आत्माओं को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। अशोक सिंघल की कही बात भी अब सच साबित हो रही है। आपको बता दें कि अशोक सिंघल ने 9 नवंबर 1989 मेंं आयोध्या के राम चबूतरे पर राम मंदिर के लिए शिलान्यास किया था।

​कब तक बन जाएगा राम मंदिर

  • ​कब तक बन जाएगा राम मंदिर

    सुप्रीम कोर्ट की ओर से मंदिर के पक्ष में फैसला आने के बाद से ही मंदिर निर्माण की कवायद शुरू हो गई है। कोर्ट के ही आदेश पर मंदिर निर्माण के लिए रामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट का गठन किया गया। ट्रस्ट के लोगों का कहना है कि मंदिर के नक्शे पर अंतिम मुहर लगने के तीन से साढ़े तीन साल के अंदर मंदिर निर्माण का काम पूरा हो जाएगा।

  • ​भूमि पूजन में आएंगे मोदी?

    अयोध्या में बीते 18 जुलाई को राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों की बैठक में मंदिर के भूमि पूजन की तारीख तय कर दी गई। ट्रस्ट की ओर से 3 और 5 अगस्त का प्रस्ताव रखा गया था। इनमें से 5 अगस्त की तारीख को पीएमओ की मंजूरी मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी भूमि पूजन के दौरान मौजूद रहेंगे।

  • ​कैसा होगा मंदिर?

    राम मंदिर पर फैसला आने के बाद से सबसे ज्यादा चर्चा मंदिर के स्वरूप को लेकर है। आखिर मंदिर कैसा होगा? यह सवाल हर किसी के जेहन में है। मंदिर को लेकर अब तक विश्व हिंदू परिषद का मॉडल हमारे सामने था लेकिन अब इसमें बदलाव किए जाने की तैयारी है। मंदिर के इस मॉडल के शिल्पकार चंद्रकांत सोमपुरा हैं। मंदिर को और भव्य बनाने की तैयारी है।

  • ​कितनी मंजिल का मंदिर?

    राम मंदिर के पुराने मॉडल से नया मॉडल अलग है। नए वाले मॉडल में राम मंदिर की ऊंचाई, चौड़ाई और लंबाई तीनों ही बढ़ा दी गई हैं। मंदिर अब दो मंजिल की जगह तीन मंजिल का होगा। दरअसल, मंदिर की ऊंचाई में 33 फीट की वृद्धि की जा रही है। इस वजह से एक और मंजिल बढ़ाई जा रही है।

  • ​क्या होगी मंदिर की ऊंचाई?

    मंदिर के पुराने मॉडल के हिसाब से मंदिर की लंबाई 268 फीट 5 इंच थी। इसे बढ़ाकर 280-300 फीट किया जा सकता है। इसके अलावा मंदिर की चौड़ाई को भी बढ़ाकर 272-280 फीट के आसपास किया जा सकता है। यह चौड़ाई पहले 140 फीट प्रस्तावित थी। मंदिर की ऊंचाई को भी 128 फीट से बढ़ाकर 161 फीट किया जा सकता है।

  • ​मंदिर में कितने गुंबद?

    राम मंदिर के पहले वाले मॉडल में तीन गुंबद प्रस्तावित थे। बताया जा रहा है कि तीन मंजिला मंदिर में अब 5 गुंबद रहेंगे।

  • ​कितने स्तंभ?

    राम मंदिर के नए मॉडल के मुताबिक, पूरे मंदिर में कुल 318 स्तंभ होंगे। मंदिर के प्रत्येक तल पर 106 स्तंभ बनाए जाएंगे।

  • ​कौन है मंदिर का शिल्पकार?

    राम मंदिर के वीएचपी मॉडल को वास्तुकार चंद्रकांत सोमपुरा ने तैयार किया था। नए मॉडल पर भी वही काम कर रहे हैं। इसके अलावा उनके बेटे निखिल और आशीष सोमपुरा भी इस पर काम करेंगे। 18 जुलाई की ट्रस्ट की मीटिंग में दोनों को भी बुलाया गया था। निखिल और आशीष इंजीनियर हैं और दोनों ही मंदिर के नक्शे में किए गए बदलाव पर काम करेंगे।

  • ​कितना होगी लागत

    मंदिर के शिल्पकार सोमपुरा के मुताबिक, मौजूदा डिजाइन के हिसाब से मंदिर निर्माण में कम से कम 100 करोड़ रुपये की लागत आ सकती। यह खर्च बढ़ भी सकता है। निर्धारित समय सीमा के भीतर निर्माण पर ज्यादा संसाधन और बजट की जरूरत पड़ सकती है।

  • सबसे ऊंचे शिखर वाला मंदिर?

    राम मंदिर के नए मॉडल में उसकी ऊंचाई बढ़ाई गई है लेकिन फिर भी यह भारत में सबसे ऊंचे शिखर वाला मंदिर नहीं होगा। हिमाचल के सोलन में भारत का सबसे ऊंचा मंदिर है। यह मंदिर 39 साल में बनकर तैयार हुआ था।

गंगाजल पर जल्द होगी चर्चा

वीएचपी के काशी प्रांत के मंत्री मुकेश कहते हैं कि रामलला के प्रस्तावित मंदिर से वीएचपी और संगम का सीधा जुड़ाव है। मंदिर निर्माण के लिए सबसे बड़ा आंदोलन वीएचपी ने ही चलाया। मुकेश ने बताया कि अब पवित्र संगम का जल वहां पहुंचाया जाएगा। जल्दी ही हम लोग बैठक मेंं तय करेंगे कि किस तरह से यह जल जाएगा, कौन-कौन लोग जाएंगे।

मुकेश यह भी कहते हैं कि जिस दिन आयोध्या में भूमि पूजन हो उसी दिन शाम को सभी लोग अपने घर पर एक दिया जरूर जलाएं और अगर आपके घर में शंख और घंटा है तो उसे बजाएं। एक तरह से समस्त देशवासी भूमि पूजन के दिन दीपावली मनाएं। आयोध्या मेंं रामलला के भव्य मंदिर निर्माण का भूमि पूजन 5 अगस्त को होना है। भूमि पूजन में पीएम नरेंद्र मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ समेत कुछ ख़ास लोगों को बुलाया गया है। पूजन का कार्यक्रम काशी के आचार्यों की देखरेख में होगा।

सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर

Web Title sangam water will be used in ram mandir bhumi pujan(Hindi News from Navbharat Times , TIL Network)

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