रियल एस्टेट सेक्टर (Real Estate Sector) की हालत खराब है। यह एक ऐसा सेक्टर है जहां बहुत बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होते हैं और इकॉनमी में इसका बहुत बड़ा योगदान है। इस सेक्टर में सुधार लाने के लिए रिजर्व बैंक ने एक नियम लागू किया है, जिसके कारण आने वाले दिनों में होम लोन सस्ता होगा। हालांकि यह 75 लाख से ज्यादा के होम लोन पर लागू होगा।

प्रीमियम होम लोन सस्ता होगा

रिजर्व बैंक के फैसले से प्रीमियम होम लोन पर ब्याज की दर सस्ती हो सकती है। इसका कारण यह है कि बैंक अब आसानी से ज्यादा होम लोन दे पाएंगे। होम लोन देने के बदले बैंकों को कैपिटल रिजर्व रखना पड़ता है। आरबीआई ने उसकी लिमिट घटा दी है, जिसके कारण बैंक अब ज्यादा आसानी से लोन बांट भी पाएंगे और इंट्रेस्ट रेट भी कम कर पाएंगे। रिजर्व बैंक ने इस नियम को 31 मार्च 2022 तक के लिए लागू किया है।

रिजर्व कैपिटल की लिमिट घटाई गई

जब एक बैंक होम लोन बांटता है तो कुछ पर्सेंट कैपिटल उसे साइड में रखना पड़ता है। इसे रिस्क वेटेज कहते हैं। वर्तमान नियम के मुताबिक, अगर होम लोन 75 लाख से ज्यादा होता है तो बैंकों को 50 पर्सेंट कैपिटल रिजर्व रखना पड़ता है। रिस्क वेटेज ज्यादा होने के कारण बैंक ज्यादा इंट्रेस्ट रेट चार्ज करते हैं। इसे घटाकर अब 35 पर्सेंट कर दिया गया है। ऐसे में प्रीमियम होम लोन में बैंकों को कम कैपिटल रिजर्व में रखना होगा। इसके कारण बैंकों के पास बिजनेस के लिए ज्यादा पैसे होंगे और वह होम लोन पर इंट्रेस्ट रेट भी कम करेंगे।

लोन-टू-वैल्यू में कोई बदलाव नहीं

रिजर्व बैंक ने लोन टू वैल्यू के नियम में कोई बदलाव नहीं किया है। 80 लाख तक के होम लोन के लिए लोन टू वैल्यू 20 पर्सेंट और उससे ज्यादा को होम लोन के लिए लोन टू वैल्यू 25 पर्सेंट है। लोन टू वैल्यू वह रकम होती है जिसे बॉरोअर को खुद अरेंज करना पड़ता है।



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