विरोध अंदरुनी हो सकता है…लेकिन पार्टी लाइन एक होनी चाहिए…इसी तरह जब बात देश की हो तो सियासत देश से ऊपर नहीं हो सकती…लेकिन ऐसा लगता है कि गणतंत्र दिवस के गुनहगार को लेकर सियासत भी दलों में बंट गई है…
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विरोध अंदरुनी हो सकता है…लेकिन पार्टी लाइन एक होनी चाहिए…इसी तरह जब बात देश की हो तो सियासत देश से ऊपर नहीं हो सकती…लेकिन ऐसा लगता है कि गणतंत्र दिवस के गुनहगार को लेकर सियासत भी दलों में बंट गई है…
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