देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने कोविड-19 से प्रभावित रिटेल बॉरोअर्स को राहत देने के लिए लोन रिस्ट्रक्चरिंग पॉलिसी पेश की है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशा-निर्देश के मुताबिक एसबीआई बैंक ने यह कदम उठाया है। एसबीआई ने लोन रिस्ट्रक्चरिंग पॉलिसी को बेहतर और बिना परेशनी के चलाने के लिए ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया है। इस पोर्टल पर बॉरोअर्स लोन मोरेटोरियम के लिए भी आवेदन कर सकते हैं।
24 महीने का ले सकते हैं लोन मोरेटोरियम
देशभर में 31 अगस्त को लोन मोरेटोरियम की योजना खत्म हो चुकी थी। अब एसबीआई के बॉरोअर्स एक से 24 महीने के लोन मोरेटोरियम के अलावा लोन टर्म बढ़ाने के लिए भी अप्लाई कर सकते हैं। कोरोनाकाल में सैलरी कट और नौकरी खो चुके बॉरोअर्स इस सुविधा का लाभ उठा सकते है।
पहले चेक करनी होगी एलिजिबिलिटी
अगर आप भी एसबीआई की इस सुविधा का लाभ उठाना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको एलिजिबिलिटी चेक करनी होगी। आप घर बैठे इस पोर्टल के जरिए लोन रिस्ट्रक्चरिंग के लिए अपनी एलिजिबिलिटी चेक कर सकते हैं।
ऐसे चेक कर सकते हैं एलिजिबिलिटी
एसबीआई के रिटेल ग्राहक को इस पोर्टल पर लॉग इन करने के बाद अकाउंट नंबर डालना होगा। ओटीपी वैलिडेशन पूरा करने और कुछ जरूरी जानकारी देने के बाद ग्राहकों को अपनी एलिजिबिलिटी की जानकारी मिल जाएगी और रेफरेंस नंबर मिलेगा। यह रेफरेंस नंबर 30 दिन के लिए वैध होगा और इस अवधि के दौरान ग्राहकों को जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए एसबीआई बैंक की शाखा में जाना होगा।







