नए आईटी नियमों का पालन न करना ट्विटर को भारी पड़ गया है। जानकारी मिली है कि भारत में अब ट्विटर ने कानूनी सुरक्षा का आधार गंवा दिया है। इसी बीच योगी सरकार ने ट्विटर के खिलाफ नाराजगी दिखानी शुरू कर दी है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने ट्विटर के बदले कू (Koo) ऐप पर अपना पहला संदेश भेजा है।
सीएम योगी ने कू ऐप के अपने संदेश में लिखा, ‘गाजीपुर में मां गंगा की लहरों पर तैरते संदूक में रखी नवजात बालिका गंगा की जीवन रक्षा करने वाले नाविक ने मानवता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है। नाविक को आभार स्वरूप सभी पात्र सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा।’
दराअसल गाजीपुर ददरी घाट पर गंगा किनारे एक लकड़ी के बक्से से बच्चे के रोने की आवाज आई। मल्लाह गुल्लू ने आवाज सुनी और पास जाकर देखा तो बक्से में एक बच्ची रो रही थी। इस दौरान मौके पर लोग भी जुट गए। गंगापुत्र की तरफ से किए गए कार्य को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान में लिया है। यूपी सरकार ने बच्ची के पालन पोषण की जिम्मेदारी ली।
आपको बता दें कि फरवरी के महीने में सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपना एकाउंट ‘कू’ पर खोल कर सोशल मीडिया के इस नए प्लेटफार्म पर धमाकेदार उपस्थिति दर्ज कराई थी और महज पांच दिन में तकरीबन 51,000 ‘कू’ यूजर्स ने उनको फॉलो भी करना शुरू कर दिया। अब सीएम योगी ने कू ऐप के जरिए भेजा अपना पहला संदेश भेजा है।
भारत सरकार और ट्विटर में टकराव
भारत में अब ट्विटर ने कानूनी सुरक्षा का आधार गंवा दिया है। ट्विटर की ओर से 25 मई से लागू हुए आईटी नियमों का अनुपालन अब तक नहीं किया गया, जिसके बाद उसके खिलाफ यह ऐक्शन लिया गया है। यानी ट्विटर पर भी अब आईपीसी के तहत मामले दर्ज हो सकेंगे और पुलिस पूछताछ भी कर सकेगी। ट्विटर पर यह सख्ती ऐसे समय में हुई है जब एक वायरल वीडियो के संबंध में उसपर गाजियाबाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। माना जा रहा है कि अब इस मामले को लेकर ट्विटर पर कानूनी ऐक्शन लिया जा सकता है।







