नई दिल्ली: कर्नाटक हाईकोर्ट ने ट्विटर इंडिया के प्रमुख मनीष माहेश्वरी को एक बड़ी राहत दी है. हाईकोर्ट ने कहा है कि ट्विटर इंडिया के प्रमुख मनीष माहेश्वरी को गवाही देने के लिए उत्तर प्रदेश जाने की जरूरत नहीं है. दरअसल, माहेश्वरी को उत्तर प्रदेश पुलिस ने गाजियाबाद में एक मुस्लिम व्यक्ति पर हुए हमले को ट्वीट करने पर पूछताछ के लिए बुलाया था.

वहीं एक यूजर के जरिए ट्विटर पर सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील वीडियो पोस्ट किए जाने के मामले में गाजियाबाद पुलिस की तरफ से ट्विटर इंडिया के एमडी को व्यक्तिगत पेशी के लिए भेजे गए नोटिस को कर्नाटक उच्च न्यायालय ने खारिज किया है. कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि ट्विटर इंडिया के एमडी मनीष माहेश्वरी को धारा 41(ए) के तहत दुर्भावनापूर्ण रूप से नोटिस जारी किया गया क्योंकि यह पूर्व-शर्तों को पूरा नहीं करता है.

माहेश्वरी ने दी थी चुनौती

वहीं माहेश्वरी ने 23 जून को यूपी पुलिस के समन को चुनौती दी थी. उन्हें एक नोटिस दिए जाने के बाद उन्हें लोनी पुलिस स्टेशन (दिल्ली-यूपी सीमा पर) पूछताछ के लिए बुलाया गया था. माहेश्वरी ने पहले वीडियो कॉल के माध्यम से पूछताछ के लिए उपलब्ध होने की बात कही थी, लेकिन पुलिस ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था और शारीरिक उपस्थिति पर जोर दिया था.

बता दें कि एक बुजुर्ग व्यक्ति अब्दुल समद के साथ हुई पिटाई की घटना के बाद ट्विटर इंडिया, कई पत्रकारों और कांग्रेस नेताओं के खिलाफ पिछले महीने एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी. घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया गया था. जिसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी.

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