हमें यह याद रखना होगा कि आतंकवाद उसी तरह से घातक है, जिस तरह से कोरोना। हममें से एक भी इससे सुरक्षित नहीं रहेगा, जब तब कि सभी सुरक्षित नहीं रहेंगे। यह बात भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को कही। वह आतंकवादी कृत्यों द्वारा अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा के लिए खतरों पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत, आतंकवाद से संबंधित चुनौतियों और क्षति से अत्यधिक प्रभावित रहा है। जयशंकर ने कहा, दुनिया को आतंकवाद की बुराई से कभी समझौता नहीं करना चाहिए।

आतंकवाद से लड़ाई के संकल्प को कमजोर करने की इजाजत नहीं
इस दौरान भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत मानता है कि आतंकवाद को किसी धर्म, राष्ट्रीयता, सभ्यता या जातीय समूह से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। आतंकवाद के सभी रूपों, अभिव्यक्तियों की निंदा की जानी चाहिए, इसे किसी भी तरह न्यायोचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे देश हैं जो आतंकवाद से लड़ने के हमारे सामूहिक संकल्प को कमजोर करते हैं, इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती। आईएसआईएस का वित्तीय संसाधन जुटाना और अधिक मजबूत हुआ है, हत्याओं का इनाम अब बिटकॉइन के रूप में भी दिया जा रहा है। कहा कि व्यवस्थित ऑनलाइन प्रचार अभियानों के जरिए कमजोर युवाओं को कट्टरपंथी गतिविधियों में शामिल करना गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। 

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