US Election 2020: अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडेन ने भारतीय मूल की सीनेटर कमला हैरिस को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार (अपना रनिंग मेट) चुना है। ऐसा पहली बार हुआ है, जब कोई काली महिला देश की किसी बड़ी पार्टी की ओर से उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनी है।

Edited By Priyesh Mishra | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

कमला हैरिस औऱ चीनी प्रवक्ता झाओ लिजान
हाइलाइट्स

  • कमला हैरिस के अमेरिकी चुनाव में उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी पर चीन ने कहा- यह उनका अंदरूनी मामला
  • चीन की सरकारी मीडिया बोली- कमला हैरिस की उम्मीदवारी से अमेरिका चीन के बीच जारी तनाव में आग में घी का काम करेगा
  • डेमोक्रेटिक पार्टी ने भारतीय मूल की कमला हैरिस को बनाया है उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार, जीतने पर रचेंगी इतिहास

पेइचिंग

अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडेन ने भारतीय मूल की सीनेटर कमला हैरिस को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार (अपना रनिंग मेट) चुना है। ऐसा पहली बार हुआ है, जब कोई काली महिला देश की किसी बड़ी पार्टी की ओर से उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनी है। यदि हैरिस उपराष्ट्रपति बन जाती हैं, तो वह इस पद पर आसीन होने वाली अमेरिका की पहली महिला होंगी और देश की पहली भारतीय-अमेरिकी और अफ्रीकी उपराष्ट्रपति होंगी।

अमेरिका का आंतरिक मामला बता चीन ने झाड़ा पल्ला

हैरिस को अमेरिकी चुनाव में उपराष्ट्रपति पद के लिए मजबूत उम्मीदवार माना जा रहा है। जिसके बाद दुनियाभर के देशों में हैरिस को लेकर चर्चा हो रही है। उधर अमेरिका से बढ़ते तनाव के बीच चीन ने हैरिस की उम्मीदवारी पर खुलकर बोलने से इनकार कर दिया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजान ने बीजिंग में कहा कि यह अमेरिका का आंतरिक मामला है और हस्तक्षेप करने में हमारी कोई रुचि नहीं है।

कमला हैरिस को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुनना ऐतिहासिक: अमेरिकी मीडिया

इसलिए चीन ने नहीं की कोई टिप्पणी

माना जा रहा है कि चीन ने इसलिए कोई टिप्पणी नहीं की क्योंकि उसके ऊपर अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को प्रभावित करने का आरोप लग चुका है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने अपनी किताब में दावा किया था कि राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन से आगामी चुनाव को लेकर मदद मांगी थी। वहीं, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने भी राष्ट्रपति चुनाव में चीन के हस्तक्षेप को लेकर चेतावनी जारी की है।

बचपन में नाना से प्रभावित

  • बचपन में नाना से प्रभावित

    1960 के दशक में हैरिस ने अपना काफी वक्त अपने नाना पीवी गोपालन के घर में लूसाका, जांबिया में बिताया था। गोपालन भारत सरकार में सिविल सर्वेंट थे और उन्हें रोडेशिया (अब जिंबाब्वे) के शरणार्थियों की एंट्री मैनेज करने के लिए भेजा गया था। जिंबाब्वे अभी-अभी ब्रिटेन के शासन से आजाद हुआ था। यह उनके करियर की एक बड़ी निर्णायक उपलब्धि थी और कमला पर इसका काफी असर रहा। वह बताती हैं, ‘मेरे नाना दुनिया में मेरे सबसे फेवरिट लोगों में से एक थे।’ (तस्वीर में पिता के साथ कमला, दायें)

  • मां से मिला आवाज उठाने का जज्बा

    कमला की मां श्यामला गोपालन हमेशा से यह चाहती थीं कि उनके बच्चे अपनी भारतीय जड़ों से जुड़े रहें। तमिल मूल की भारतीय-अमेरिकन श्यामला एक जानी-मानी कैंसर रिसर्चर और ऐक्टिविस्ट थीं। उन्होंने अपनी बेटियों के नाम संस्कृत में रखे थे। उनका कमला पर काफी प्रभाव था और इमिग्रेशन और समान अधिकार जैसे मुद्दों पर कमला की राय नींव काफी हद तक श्यामला की वजह से रखी थी। श्यामला ने अपना ग्रैजुएशन भी दिल्ली यूनिवर्सिटी से किया था। इसके बाद UC बर्कली से PhD करने के बाद ब्रेस्ट कैंसर पर रिसर्च की। फिर वह यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनॉई और यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कॉनिसन होते हुए स्पेशल कमीशन ऑन ब्रेस्ट कैंसर का हिस्सा भी बनीं। श्यामला सिर्फ एक रिसर्चर के तौर पर नहीं, सिविल राइट्स ऐक्टिविस्ट्स के तौर पर भी अपनी आवाज बुलंद कर रही थीं। इसका असर आगे चलकर कमला पर काफी ज्यादा रहा।

  • पढ़ाई के दौरान ऐक्टिविज्म

    कमला ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस और इकनॉमिक्स की पढ़ाई भी कि जिस दौरान वह दक्षिण अफ्रीका में अपार्थीड के खिलाफ मुखर रहीं। हार्वर्ड में पढ़ाई के दौरान उन्होंने कैलिफोर्निया के तत्कालीन सीनेटर ऐलन क्रैंस्टन के लिए मेलरूम क्लर्क के तौर पर काम किया जो उस वक्त खुद राष्ट्रपति पद के लिए दौड़ने की कोशिश में थे। फिर वह कैलिफोर्निया लौटीं जहां उन्होंने 1990 में वकालत की पढ़ाई पूरी की और डेप्युटी डिस्ट्रिक्ट अटर्नी के तौर पर काम शुरू किया।

  • 2016 में रचा था इतिहास

    2003 से 2011 तक वह सन फ्रैंसिस्को की डिस्ट्रिक्ट अटर्नी रहीं। 2016 में उन्होंने रिपब्लिकन सीनेटर लोरेटा सानशेज को हराकर अमेरिकी सीनेट में जूनियर रिप्रजेंटेटिव का पद अपने नाम किया था। हैरिस दूसरी अश्वेत और पहली दक्षिण एशियाई-अमेरिकी महिला थीं जो अमेरिकी कांग्रेस के अपर चेंबर तक पहुंची थीं। सीनेटर के तौर पर वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ मुखर रही हैं। हालांकि, विदेश नीति पर उन्होंने ट्रंप का समर्थन भी किया है।

चीनी मीडिया बोली- आग में घी का काम करेगी उनकी उम्मीदवारी

वहीं, चीन के सरकारी मीडिया के विशेषज्ञों ने अपनी टिप्पणी में कहा है कि कमला हैरिस को अमेरिकी उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाने का डेमोक्रेटिक पार्टी का फैसला चीन-अमेरिका के बीच वर्तमान में जारी तनाव में आग में घी डालने का काम करेगा। हैरिस शिनजियांग और हांगकांग में मानवाधिकारों उल्लंघन को लेकर काफी मुखर रही हैं।

Web Title what did china say about kamala harris candidacy for us vice president in us presidential election(Hindi News from Navbharat Times , TIL Network)

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