कोलकाता: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घोषणा की है कि पश्चिम बंगाल राज्य बोर्ड की कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं की परीक्षा रद्द कर दी गई है. पश्चिम बंगाल में इस साल 12 लाख से अधिक छात्रों को माध्यमिक और 8.5 लाख छात्रों को उच्चतर माध्यमिक परीक्षाओं में बैठना था.

CBSE द्वारा 12वीं बोर्ड की परीक्षाओं को रद्द करने के बाद कई राज्य सरकारों ने 12वीं बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की है. गौरतलब है कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर के मद्देनजर केंद सरकार ने 1 जून को CBSE की 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया.

यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद लिया गया. प्रधानमंत्री ने कहा कि यह फैसला छात्रों के हितों को ध्यान में रखकर लिया गया है. पीएम मोदी ने कहा, ‘‘छात्रों का स्वास्थ्य और उनकी सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है और इससे किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता है.”

CBSE ( केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड)  द्वारा  कक्षा 12वीं के बोर्ड परीक्षार्थियों के मूल्यांकन और क्राइटेरिया के लिए एक कमेटी गठित की गई है. परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने कहा कि CBSE समिति 10 दिनों के भीतर 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के मूल्यांकन मानदंड पर रिपोर्ट सौंपेगी. 

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