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चुनाव आयोग ने कर्नाटक विधानसभा के चुनावों की डेट ऐलान कर दी है। 10 मई को एक चरण में वोट पड़ेंगे। 13 मई को परिणाम सामने आयेंगे। वहां पर वर्तमान वसवराज बोम्मई के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार है। कांग्रेस ने वसवराव बोम्मई सरकार के खिलाफ 40प्रतिशत पेसीएम पोस्टर प्रदेशभर में चिपकाये थे। पोस्टर में सीएम बोम्मई का फोटो भी छपा था। सीएम पर आरोप था कि किसी भी सरकारी काम के लिये 40 प्रतिशत कमीशन देना पड़ता है।
भ्रष्टाचार की शिकायत पीएम से
इस बात की शिकायत औद्योगिक संगठनों ने पीएम मोदी से भी की है। एक ठेकेदार ने सिर्फ इसलिये जान दे दी कि सरकार के एक मंत्री ने भुगतान करने के लिये भारी कमीशन मांगा। जिसे देने में ठेकेदार मजबूर था। दिलचस्प बात यह है कि वो ठेकेदार स्वयं भाजपा का नेता था। इसके बावजूद उससे कमीशन की डिमांड की गयी। फिलहाल बोम्मई सरकार की हालत काफी खस्ता है।
सरकार पर विकास के नाम पर धार्मिक उन्माद फैलाने का आरोप
प्रदेशवासियों का आरोप है कि वर्तमान बीजेपी सरकार ने सिवाय हिन्दू मुस्लिम, लव जिहाद, अजान हनुमान हिजाब और धार्मिक उन्माद फैलाने का काम किया है। सरकार के इशारे पर पुलिस ने एक जाति विशेष के लोगों का उत्पीड़न किया। सरकार की शह पर हिन्दू संगठनों आरएसएस और विश्व हिन्दू परिषद ने समाज तोड़ने और उन्माद फैलाने वाले कार्यक्रम किये। लोगों के बीच मतभेद फैलाने का काम किया गया। जिससे प्रदेश में बेरोजगारी, औद्योगिक विकास और महंगाई जैसे मुद्दे पर सरकार बुरी तरह फेल है।
त्रिकोणीय मुकाबला होने के आसार
यहां बीजेपी को कांग्रेस से सीधी टक्कर है। इसके अलावा कांग्रेस के साझीदार जेडीएस भी बीजेपी के लिये सिरदर्द बन सकती है। लेकिन जेडीएस के लिये बीजेपी अछूत नहीं है। बीजेपी और जेडीएस मिलकर भी प्रदेश में सरकार बना चुके हैं। इसलिये सत्ता किसके हाथ लगेगी उसमें जेडीएस अहम् भूमिका निभा सकती है। वहीं इस बार के विधानसभा मे आम आदमी पार्टी भी ताल ठोक रही है। आम आदमी पार्टी ने पिछले साल पंजाब में बहुत अच्छा प्रदर्शन करते हुए अपनी सरकार बनायी है। इसके अलावा गुजरात में भी 14 प्रतिशत वोट आप को मिले है। इसके साथ गुजरात विधानसभा में उनके पांच विधायक हैं। गोवा में भी आम आदमी पार्टी के दो विधायक हैं। इस प्रकार उनको राष्ट्रीय पार्टियों गिना जा सकता है। लेकिन अभी तक आप को प्रमाणपत्र नहीं जारी किया है।

भाजपा की राह में रोड़े ही रोड़े
2018 में वहां पर कांग्रेस और जेडीएस की साझा सरकार थी एक साल बाद वहां पर बीजेपी ने आपरेशन लोटस शुरू किया और कांग्रेस जेडीएस के लगभग दो दर्जन विधायकों ने बीजेपी की शह पर अपनी सरकार से बगावत कर सरकार को गिरवा दिया। इसके बाद भाजपा के बीएस येद्दूरप्पा ने उन बागी विधायकों के साथ मिलकर कर्नाटक में अपनी सरकार बना ली। वैसे भाजपा के खिलाफ कांग्रेस व आप तो हैं ही जेडीएस भी भाजपा के चाल चरित्र से परिचित है इसलिये वो बहुत सोच समझ कर हाथ मिलायेगी।
राहुल गांधी मामले को कांग्रेस चुनाव में मुद्दा बनायेगी
कांग्रेस ने यह तय कर लिया है कि विधानसभा चुनाव में वो भाजपा को बेरोजगारी, अशिक्षा, महंगायी और आर्थिक मामलों के साथ राहुल गांधी की सांसदी रद करने को भी जनता तक पहुंचायेगी। वैसे भी पांच साल में बीजेपी ने सीएम बदला हैं। भ्रष्टाचार के आरोप में पहले बीएस येदुरप्पा को हटाया क्यों कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के काफी आरोप लग रहे थे। केन्द्र ने येदुरप्पा से इस्तीफा मांगा काफी हीला हवाली के बाद सीएम पद छुड़वाया गया। नये सीएम के रूप बसवराव बोम्मई की ताजपोशी हुई। लेकिन वसव राव भी भ्रष्टाचार की कालिख से नहीं बच सके। कांग्रेस ने आरोप लगाया सीएम किसी भी सरकारी काम के लिये 40 प्रतिशत का कमीशन मांगते हैं। हालात देखते लग रहा है कि कर्नाटक में बदलाव तो होता दिख रहा है। यहां पर जेडीएस और आम आदमी पार्टी किसी भी पार्टी हराने और सरकार बनाने में किंग मेकर की भूमिका निभा सकते हैं।








