देश में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने शुक्रवार को विराफिन दवा के कोरोना मरीजों के इलाज के दौरान उपयोग के लिए मंजूरी दे दी है। जाइडस कैडिला ने हाल ही में डीसीजीआई से Pegylated Interferon alpha-2b (विराफिन) दवा के लिए मंजूरी की मांग की थी, जिसके आज प्रदान कर दी गई है। इस दवा को कोरोना के मध्यम लक्षण वाले मरीजों के इस्तेमाल के लिए इमरजेंसी अप्रवूल दिया गया है।
जाइडस कैडिला की यह दवा एक सिंगल डोज दवा है, जिसकी वजह से कोरोना मरीजों के इलाज में काफी हद तक मदद मिलेगी। रेग्युलेट्री फाइलिंग के दौरान कंपनी ने बताया है कि कोरोना होने के बाद जल्द विराफिन देने से मरीज काफी जल्दी रिकवर हो सकेगा और कई तरह की जटिलताएं भी दूर होंगी। विराफिन दवा अस्पताल/संस्थागत सेटअप में इस्तेमाल के लिए मेडिकल स्पेशिलिस्ट के पर्चे के बाद उपलब्ध हो सकेगी।
कंपनी ने जानकारी दी कि फेज 3 के क्लिनिकल ट्रायल में दवा देने के बाद कोरोना से जंग लड़ रहे मरीजों में काफी सुधार पाया गया है। ट्रायल्स के दौरान ज्यादातर मरीजों की आरटी-पीसीआर रिपोर्ट सात दिनों में निगेटिव आ गई। यह दवा तेजी से वायरल को खत्म करने में मददगार साबित होती है।
Drugs Controller General of India (DGCI) approves emergency use for Zydus Cadila’s Pegylated Interferon alpha-2b, ‘Virafin’ for treating moderate #COVID19 infection in adults. pic.twitter.com/bXBvHZaIBp
— ANI (@ANI) April 23, 2021
कैडिला हेल्थकेयर लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. श्रविल पटेल का कहना है कि तथ्य यह है कि अगर कोरोना मरीज को जल्द यह दवा दी जाए तो फिर यह वायरल लोड कम करने में सक्षम साबित होगी। मालूम हो कि इस समय भारत कोरोना वायरस की दूसरी लहर से जूझ रहा है। रोजाना रिकॉर्डतोड़ मामले सामने आ रहे हैं। पिछले 24 घंटों में देश में 3.32 लाख नए कोविड के मामले सामने आए हैं, जिसके बाद एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 24 लाख के पार पहुंच गई है।







