परमजीत सिंह सरना का दावा , 87 लाख रुपये की पकड़ी थी आर्थिक गड़बड़ी – रजिस्टर्ड में दर्ज था 1 करोड 32 लाख रुपये , 65 लाख रुपये थे गायब –
उसी खजाने में निकले थे प्रतिबंधित साढ़े 38 लाख रुपये –
गृहमंत्री अमित शाह को लिखी चिट्ठी लिखकर की थी उच्चस्तरीय जांच की मांग
– दिल्ली पुलिस के द्वारा केस दर्ज न करने पर पुलिस आयुक्त को लिखी थी चिटठी में
नई दिल्ली, : शिरोमणि अकाली दल ( दिल्ली ) के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने आज यहां दावा किया कि दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी में हुई लाखों रुपये की आर्थिक गड़बड़ी की एफआईआर दर्ज हो गई है । गृहमंत्रालय और दिल्ली पुलिस आयुक्त के हस्तक्षेप के बाद डीआईओ ने केस रजिस्टर्ड कर लिया है। अब इस आर्थिक गड़बड़ी की गहराई से जांच होगी । दोषी पाए जाने पर 10 साल की सजा संभव है । सरना ने दावा किया है कि 13 नवम्बर को जब विपक्षी दलों के सदस्यों ने कमेटी का रिकार्ड चेक किया था तब रजिस्टर में 1 करोड 32 लाख रुपये खजाने में होना बताया गया था । लेकिन जब खजाने में रजिस्टर के हिसाब से मिलान करवाया गया तो चौकाने वाले तथ्य सामने आए। इसमें से 65 लाख रुपये गायब थे। पूछने पर बताया गया कि पैसा बैंक में जमा करवाने के लिए भेजा गया है। जबकि उस दिन शनिवार था और राष्ट्रीय अवकाश के चलते बैंक बंद थे। 65 लाख रुपये के अलावा साढे 38 लाख रुपये की प्रतिबंधित करंसी बरामद हुई , जिसका चलन कुछ साल पहले भारत सरकार एंव आरबीआई ने बंद कर रखा है। इस पैसे को भी मूल में जोडा गया था , जो कानूनन कोई भी संसथा अपने पास नहीं रख सकती। इसकी शिकायत परमजीत सिंह सरना ने कमेटी प्रबंधन के खिलाफ भारी मात्रा में प्रतिबंधित करंसी रखने और लाखों रुपये की खुर्दबुर्द करने की शिकायत दिल्ली पुलिस को की थी लेकिन पुलिस आनाकानी करती रही। इसके बाद मामले की जांच के लिए दिल्ली पुलिस के आयुक्त एवं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर जांच की गुहार लगाई थी । सरना ने दावा किया कि दो दिन पहले दिल्ली पुलिस ने इस मामले को रजिस्टर्ड कर लिया है और अब इसकी जांच होगी । S शनिवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी के पूर्व अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना एवं शिअदद दिल्ली के प्रधान महासचिव हरविंदर सिंह सरना ने गुरुद्वारा कमेटी के कार्यवाहक प्रबंधन पर लाखों रुपये की आर्थिक गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है। साथ ही दावा किया कि कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा एवं महासचिव हरमीत सिंह कालका गुरू की गोलक का पूरा पैसा कमेटी में खर्च करने की बजाय पंजाब में अपनी राजनीतिक पार्टी को चुनाव में मजबूत करने के लिए पहुंचा रहे हैं। पंजाब में तीन महीने बाद विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और दिल्ली कमेटी से पूरा पैसा भेजा जा रहा है । सरना ने दावा किया है कि उन्हें कमेटी में करोड़ों रूपये की गड़बड़ी का अंदेशा है । लिहाजा इसकी उच्चस्तरीय जांच के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है । पत्र के मांग की गई है कि कमेटी में आर्थिक निगरानी के लिए एक रिसीवर नियुक्त किया जाना चाहिए ताकि
गुरू की गोलक को लुटने से बचाया जा सके । सरना ने कहा कि आर्थिक गड़बड़ी की शिकायत दिल्ली पुलिस से भी की गई है और कोषागार सील करने की मांग की गई, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है । इस मसले को भी गृहमंत्री अमित शाह के समक्ष उठाते हुए हस्तक्षेप की मांग की है। Ⓡ परमजीत सिंह सरना ने दावा किया है पिछले कुछ महीनों से कमेटी में गुरू की गोलक नाजायज तरीके से निजी कार्यों , सदस्यों को लुभाने , गाड़ी खरीदने कर गिफट देने में इस्तेमाल की जा रही है । जबकि , कार्यवाहक अवस्था में सिर्फ जरूरी काम ही करने का अधिकार होता है। गृहमंत्री अमित शाह को लिखे पत्र में दिल्ली कमेटी के पूर्व अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने कमेटी प्रबंधकों द्वारा प्रतिबंधित साढे 38 लाख रुपये की नगदी रखने की जांच की मांग की ह । इतनी बड़ी प्रतिबंधित रकम रखना कानूनन जुर्म है । लिहाजा , इस मामले की उच्चस्तरीय से जांच कराई जानी चाहिए। जांच होने पर करोड़ों रूपये का घोटाला पकड़ा जाएगा और इसमें शामिल खिलाड़ी जेल जाएंगे । इस मसले को लेकर परमजीत सिंह सरना अपनी पार्टी और विपक्षी दलों को साथ लेकर बहुत जल्द दिल्ली के उपराज्यपाल से भी मुलाकात करेंगे। खजाने में भारी मात्रा में प्रतिबंधित नोट मिलना संदिग्ध हरविंदर सरना दिल्ली कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा को हराने वाले दिल्ली कमेटी के पूर्व अध्यक्ष हरविंदर सिंह सरना ने दावा किया है कि खजाने की जांच पड़ताल के दौरान 1.30 करोड़ रुपये का रिकार्ड दिखाया गया, उसमें से साढ़े 38 लाख रुपये पुरानी नगदी मिली , जो भारत सरकार एवं रिजर्व बैंक आफ इंडिया की ओर से प्रतिबंधित है। इतनी बड़ी रकम कोई भी संस्था खजाने में नहीं रख सकती है । हरविंदर सरना ने कमेटी प्रबंधन से सवाल पूछा कि एक साल पहले तक केंद्र की मोदी सरकार में शिरोमणि अकाली दल बादल भागीदार रहा और पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की पत्नी बीबी हरसिमरत कौर बादल केंद्रीय मंत्री रही । उस वक्त ये प्रतिबंधित साढ़े 38 लाख रूपये रिजर्व बैठक आफ इंडिया में जमा क्यों करवाए गए । उन्हें अंदेशा है कि कमेटी प्रबंधन के लोग प्रतिबंधित नोटों को लेकर नए नोट देने का काम कर रहे थे।








