ms d (1)
Former cricket skipper MS Dhouni has announced for retirement

2005 में भारतीय क्रिकेट जगत में एक ऐसे खिलाड़ी ने प्रवेश किया जिसने न केवल भारत में बल्कि पूरे विश्व में अपने खेल और करिश्माई व्यक्तित्व का लोहा मनवा दिया है। धौनी न केवल क्रिकेट बल्कि अपने जिंदादिली और शांत स्वभाव के लिये जाते हैं। 74वें स्वतंत्रता दिवस की शाम को अचानक यह खबर आयी कि धौनी ने इंटनेशनल क्रिकेट सें संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडिल से एक फेसम गीत मैं पल दो पल का शायर हूं से अपने संन्यास लेने का संदेश दिया और कहा कि आज शाम 7.30 से मैं इंटरनेशनल क्रिकेट प्रतियोगिता में भाग नहीं लूंगा। इस संदेश से एमएस के चाहनेवालों को काफी निराशा हुई कि उनका चहेता खिलाड़ी विश्वस्तरीय क्रिकेट मैच में अपने आतिशी बल्लेबाजी करता नहीं दिखेगा। क्रिकेट के प्रशंसक अब केवल यादों में ही हेलिकॉप्टर शाट संजो कर रख पायेंगे।
धोनी के इस ऐलान पर सचिन तेंडुलकर, पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली, वीरेद्र सहवाग, गेंदबाज मदन लाल, कमेंटटे्रटर हर्षा भोगले समेत गृहमंत्री अमित शाह ने भी एमएस को याद किया। सबने एक राय से धौनी के खेल और स्वभाव की तारीफ कीै। महेंद्र सिह धौनी को सौरब गांगुली की कप्तानी में टीम के विकेटकीपर के रूप में जगह मिली थी। सौरब गांगुली ने ​हरभजन सिंह और एमएस जैसे युवा खिलाड़ियों को टीम ​इंडिया में मौका दिया। विकेट कीपर के रूप में भी धौनी ने काफी कीर्तिमान स्थापित किये। वो न केवल शानदार विकेटकीपर थे बल्कि उन्होंने बल्लेबाजी में भी शानदार प्रदर्शन किया। धौनी न केवल शानदार बल्लेबाज थे ​बल्कि एक धैर्यवान व जुझारु कप्तान भी थे। उन्होंने अपने शांत स्वभाव व जुझारुपन से कई ऐसे मैचों को जिताया जिसमें भारतीय टीम हारने के कगार पर थी। धोनी को एक शानदार ​मैच फिनिशर के रूप में हमेशा याद किया जाता है।
इं​डियन प्रीमियर लीग में धोनी चैन्नई सुपर किंग की कप्तानी पहली सिरीज से ही कर रहे है। खुशी की बात तो यह है कि आईपीएल के मैच में धौनी हमेशा अपनी प्रतिभा और कुशल नेतृत्वा करते मैदान में दिखेंगे।
कुछ लोगों का यह भी कहना है कि पिछले साल झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी ने धोनी से प्रचार करने को कहा था लेकिन धोनी ने उनके इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं ​किया। तभी से यह तय हो गया कि धौनी की टीम इंडिया में वापसी होना मुश्किल माना जा रहा था। पिछले साल ही बीसीसीआई के अध्यक्ष के रूप में अमित शाह के बेटे जय शाह को बना दिया गया था। विदेश दोरे पर जाने वाली भारतीय टीम में एमएस का नाम लिस्ट से हटा दिया गया। यह भी माना जा रहा था कि 2024 तक जय शाह का बना रहना तय है इसलिये धौनी की टीम इंडिया में वापसी होना नामुमकिन थी। इसलिये धौनी ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेना ही बेहतर समझा। इस तरह भारतीय क्रिकेट के एक सुनहरे युग का अंत हो गया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here