कोविड-19 की स्थिति पर गुजरात हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता कमल त्रिवेदी ने कहा कि हमारी दी गई सलाहों को न मानने का नतीजा है कि कोरोना की सुनामी आ चुकी है। यहां अदालत ने राज्य सरकार को जमकर फटकारा। कोर्ट ने पूछा कि क्या गुजरात के हर शहर, तालुका में कोरोना टेस्ट किए जा रहे हैं? यदि आप कहते हैं कि केवल 53% बेड ही भरे हुए है, तो प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों में बेड की कमी को लेकर इतना हल्ला क्यों मचा हुआ है।
कोर्ट ने कहा- आणंद व डांग में आरटी पीसीआर की व्यवस्था नहीं है। सरकार अगर अपने संसाधनों का पर्याप्त उपयोग करती तो आज यह स्थिति नहीं होती। सरकार ने उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन किया ही नहीं।
High Court of Gujarat’s hearing on suo motu PIL on the #COVID19 situation in the state: Advocate General Kamal Trivedi says – The suggestions we have given, were not followed and that’s why the tsunami of COVID cases have come.
— ANI (@ANI) April 15, 2021
अदालत ने आगे सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि रेमडेसीविर इंजेक्शन कहां से आ रहे कैसे वितरण हो रहा है इसकी कोई जानकारी सरकार को नहीं है। क्या यह इंजेक्शन अमृत बूटी और इससे कोई साइड इफेक्ट नहीं हो रहे हैं, अगर हां तो सरकार ने एक सार्वजनिक पत्र जारी करके जनता को इससे जागरूक क्यों नहीं किया।







