पंजाब कांग्रेस में जारी संकट के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने बुधवार को पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की तत्काल बैठक बुलाने को कहा। बता दें कि पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के सामने एक नई मुसीबत खड़ी हो गई है।
गुलाम नबी आजाद उन 23 नेताओं (जी -23) के समूह का हिस्सा हैं, जिन्होंने पिछले साल सोनिया गांधी को एक कड़े शब्दों में पत्र लिखा था। पत्र में पार्टी के नेतृत्व को लेकर सवाल उठाया गया था। गुलाम नबी आजाद के पत्र लिखे जाने से कुछ देर पहले कांग्रेस के दिग्गज नेता कपिल सिब्बल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि वो अपनी मांगो को उठाना जारी रखेंगे। कपिल सिब्बल भी जी -23 समूह का एक हिस्सा हैं। ऐसे में एक के बाद एक जी -23 समूह के दो नेता सामने आ चुके हैं।
जिन्हें खासमखास नहीं मानते वे आज भी इनके साथ खड़े हैं
सिब्बल ने कई नेताओं के पार्टी छोड़ने का उल्लेख करते हुए गांधी परिवार पर इशारों-इशारों में कटाक्ष किया ‘जो लोग इनके खासमखास थे वो छोड़कर चले गए, लेकिन जिन्हें वे खासमखास नहीं मानते वे आज भी इनके साथ खड़े हैं।’ पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से नवजोत सिंह सिद्धू के इस्तीफे के बाद पैदा हुई स्थिति को लेकर सिब्बल ने कहा कि इस सीमावर्ती राज्य में ऐसी कोई भी स्थिति नहीं होनी चाहिए जिसका पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और सीमापार के दूसरे तत्व फायदा उठा सकें।
हम जी हुजूर 23 नहीं हैं: सिब्बल
अपनी चिट्ठी में उन्होंने कहा कि हम ‘जी हुजूर 23″ नहीं हैं। यह बहुत स्पष्ट है। हम बात करते रहेंगे। हम अपनी मांगों को दोहराना जारी रखेंगे। उन्होंने कहा, ‘मैं भारी मन से आप लोगों से बात कर रहा हूं। मैं एक ऐसी पार्टी से जुड़ा हूं जिसकी ऐतिहासिक विरासत है और जिसने देश को आजादी दिलाई। मैं अपनी पार्टी को उस स्थिति में नहीं देख सकता जिस स्थिति में पार्टी आज है।’







