पांचजन्य पत्रिका ने हाल ही में अपने एक आलेख में तकनीकी कंपनी इंफोसिस को देशद्रोही करार दिया था। पांचजन्य में छपे इस लेख के बाद आरएसएस की कई लोग आलोचना कर रहे थे। दरअसल पांचजन्य को आरएसएस से जुड़ा बताया जाता है। पांचजन्य को संघ का मुखपत्र भी कहा जाता है। हालांकि, इस आलेख के बाद राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने पांचजन्य से खुद को अलग कर लिया था। अब केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने पांचजन्य में छपे इस लेख को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पांचजन्य में प्रकाशित लेख जिसमें इंफोसिस को राष्ट्र विरोधी कहा गया, वो सही नहीं था। वित्त मंत्री सीतारमण ने सीएनएन-न्यूज18 को दिए इंटरव्यू में कहा, “यह सही नहीं था। इस तरह के कमेंट्स की जरूरत नहीं थी। मुझे लगता है कि उन लोगों ने भी बयान देकर जिसने ये लिखा है उससे खुद को दूर किया है। इस तरह की प्रतिक्रिया बिल्कुल भी सही नहीं थी।”
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार इंफोसिस के साथ काम कर रही थी ताकि समस्या को खत्म किया जा सके। वित्त मंत्री ने बताया, ‘मैंने उन्हें दो बार फोन किया था और इंफोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणि का ध्यान इस ओर खींचा था। हम और वो सभी साथ मिलकर का कर रहे हैं। इसके अलावा इंस्टीच्यूट ऑफ चाटर्ड अकाउंटेन्ट्स की मदद भी ली जा रही है। हमने कुछ टैक्स विशेषज्ञों को भी साथ लिया है। हमें उम्मीद है कि इंफोसिस इसे ठीक कर लेगी।’
पिछले महीने सीतारमण ने इंफोसिस के सीईओ सलिल पारेख को समन जारी किया था और टैक्स पोर्टल में आई खामियों को लेकर गहरी नाराजगी जताई थी। उन्होंने इंफोसिस को 15 सितंबर तक यह पोर्टल ठीक करने के लिए भी कहा था। पोर्टल के लगातार दो दिन तक बंद रहने के बाद सीईओ को समन भी जारी किया गया था।इसके बाद पांचजन्य में 4 पन्नों की एक कवर स्टोरी में कहा गया था कि राष्ट्र विरोधी ताकतें भारत की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाना चाहती हैं।
बता दें कि पांचजन्य के 5 सितंबर के संस्करण में, इन्फोसिस पर ‘साख और आघात’ शीर्षक से चार पृष्ठों की कवर स्टोरी है, जिसमें इसके संस्थापक नारायण मूर्ति की तस्वीर कवर पेज पर है। लेख में बेंगलुरु स्थित कंपनी पर निशाना साधा गया है और इसे ‘ऊंची दुकान, फीके पकवान’ करार दिया गया है। इसमें यह भी आरोप लगाया गया है कि इंफोसिस का राष्ट्र-विरोधी ताकतों से संबंध है और इसके परिणामस्वरूप सरकार के आयकर पोर्टल में गड़बड़ की गई है।







