केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अंडमान निकोबार पहुंचकर पोर्ट ब्लेयर में सेलुलर जेल का निरीक्षण किया, ये वही जेल है जहां आजादी से पहले विनायक दामोदर सावरकर  कैदी थे। पोर्ट ब्लेयर जेल में उन्होंने कहा, सावरकर ने सेलुलर जेल को ‘तीर्थस्थान’ (मंदिर) में बदल दिया। उन्होंने दुनिया को संदेश दिया कि आप जितनी चाहें उतनी यातनाएं झेल सकते हैं, लेकिन उनके अधिकारों को अवरुद्ध नहीं कर सकते। आजादी का अमृत मोहत्सव कार्यक्रम के तहत शाह ने सेलुलर जेल में स्वतंत्रता सैनानियों को याद किया और उन्हें नमन किया।

अपने तीन दिवसीय यात्रा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज अंडमान निकोबार पहुंचे। पहले दिन वो पोर्ट ब्लेटर पहुंचे और सेलुलर जेल का निरीक्षण किया। केंद्र सरकार के आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम के तहत शाह ने पोर्ट ब्लेयर में स्वतंत्रता सैनानियों को नमन किया। 

 

ये वही जेल हैं जहां आजादी से पहले स्वतंत्रता सैनानियों ने कालापानी की सजा भुगती थी। इसी जेल में विनायक दामोदर सावरकर भी कैद थे। उन्हें दस साल कठोर कारावास की सजा हुई थी।

पोर्ट ब्लेयर जेल में अमित शाह ने कहा, ”सावरकर ने सेलुलर जेल को ‘तीर्थस्थान’ (मंदिर) में बदल दिया। उन्होंने दुनिया को संदेश दिया कि आप जितनी चाहें उतनी यातनाएं झेल सकते हैं, लेकिन उनके अधिकारों को अवरुद्ध नहीं कर सकते। मेरे देश को स्वतंत्र बनाना मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है, सावरकर ने इस वाक्य को यहीं पूरा किया।

शाह यहां तीन दिनी यात्रा पर हैं। शनिवार को गृह मंत्री रानी लक्ष्मीबाई द्वीप जाएंगे। इसके अलावा शहीद द्वीप इको टूरिज्म प्रोजेक्ट, स्वराज द्वीप जल हवाई अड्डा और अन्य विकास परियोजनाओं का निरीक्षण करेंगे। अमित शाह अंडमान निकोबार द्वीप से नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और कई योजनाओं की आधारशिला रखेंगे।

रविवार यानि 17 अक्टूबर को अमित शाह अंडमान निकोबार द्वीप में सुरक्षा व्यवस्था और मौजूदा विकास परियोजनाओं की समीक्षा भी करेंगे।
 





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