योग गुरु बाबा रामदेव के पतंजलि समूह के नेतृत्व वाली कंपनी रुचि सोया ने असम, त्रिपुरा और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में ऑयल-पाम के बागान शुरू करने की योजना बनाई है। खाद्य तेल प्रसंस्करण कंपनी रुचि सोया का पतंजलि समूह ने दो साल पहले कर लिया था। उस समय कंपनी घाटे में आ गई थी। पतंजलि समूह ने पहले ही पाम के बागानों के लिए क्षेत्र सर्वेक्षण किया है। ये बागान किसानों के साथ अनुबंधों के माध्यम से स्थापित किए जाएंगे। उन राज्यों में स्थापित किये जाने वाले रुचि सोया के प्रसंस्करण संयंत्रों द्वारा ऑयल पाम की खरीद की गारंटी दी जाएगी।

पतंजलि व्यवसाय समूह के मुखिया एवं योग गुरु बाबा रामदेव ने पीटीआई-भाषा को दिए एक साक्षात्कार में कहा, “हम पूर्वोत्तर में ऑयल पाम के बागान स्थापित करने की योजना बना रहे हैं। हमने वहां अपना सर्वे पूरा कर लिया है। हमारे पास असम, त्रिपुरा, मेघालय, मणिपुर सहित अन्य राज्यों के लिए योजनाएं हैं।’ रामदेव ने कहा, “हम भारत को खाद्य तेल में आत्मनिर्भर बनाना चाहते हैं। योजना का आधार तैयार कर लिया गया है। इसे किसी भी समय शुरू किया जा सकता है।” भारत में वर्तमान में असम, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल, अंडमान, गुजरात, गोवा, आंध्र, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और महाराष्ट्र में ऑयल पाम के छिटपुट बागान हैं।

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हालांकि रामदेव ने यह नहीं बताया कि बागानों को लगाने की शुरुआत कब की जाएगी। उन्होंने संकेत दिया कि यह रुचि सोया के उस काम के पूरा होने के बाद किया जाएगा, जिसके तहत वह निवेशकों से धन जुटाने की प्रक्रिया में है और शेयर बिक्री से होने वाली आय से अपना कर्ज चुकाने की प्रक्रिया में है।  पतंजलि आयुर्वेद रुचि सोया में 4,300 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी बेच रही है। रामदेव ने कहा कि बिक्री से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कर्ज चुकाने में किया जाएगा।



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