गरीबी की खाई हौसले की छलांग को रोक नहीं सकती। अपने सपनों की उड़ान से सहारनपुर में बीए की छात्रा फरिया ने यह साबित किया है। बचपन में पिता की मौत के बाद मां ने परचून की एक छोटी सी दुकान खोलकर आगे बढ़ना…
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गरीबी की खाई हौसले की छलांग को रोक नहीं सकती। अपने सपनों की उड़ान से सहारनपुर में बीए की छात्रा फरिया ने यह साबित किया है। बचपन में पिता की मौत के बाद मां ने परचून की एक छोटी सी दुकान खोलकर आगे बढ़ना…
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