केन्द्र सरकार ने जनरल प्रोविडेंट फंड के लिए अक्टूबर से दिसंबर तक की तिमाही के लिए ब्याज दरों का ऐलान कर दिया है। जरनल प्रोविडेंट फंड और ऐसे ही अन्य स्कीम पर केन्द्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के लिए ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया है। यानी इस तिमाही के दौरान 7.1 प्रतिशत ब्याज निवेशकों को मिलेगा। वित्त मंत्रालय के इकोनामिक अफयेर्स डिपार्टमेंट के बजट डिवीजन ने इस बात की पुष्टि की है।
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बजट डिवीजन के नोटिफिकेशन में कहा गया है, ‘एक सामान्य जानकारी के लिए यह घोषणा की जा रही है कि जनरल प्रोविडेंट फंड की ब्याज दर 7.1 प्रतिशत रहेगी। यह 1 अक्टूबर 2021 से लागू रहेगा।’ बता दें, इससे पहले सरकार ने सुकन्या समृद्धि योजना, पब्लिक प्रोविडेंट फंड, नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट जैसी छोटी बचत योजनाओं की बचत दरों में भी कोई बदलाव इस तिमाही के लिए नहीं किया था।
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इन सभी स्कीम पर लागू होगी ये ब्याज दर –
1- जनरल प्रोविडेंट फंड (सेन्ट्रल सर्विसेज)
2- दी काॅन्ट्रीब्यूट्री फंड (इंडिया)
3- ऑल इंडिया सर्विस प्रोविडेंट फंड
4- स्टेट रेलवे प्रोविडेंट फंड
5- जनरल प्रोविडेंट फंड (डिफेंस सर्विस)
6- इंडियन ऑर्डेनेंस डिपार्टमेंट प्रोविडेंट फंड
7- इंडियन ऑर्डेनेंस फैक्ट्रीज वर्कमेन्स प्रोविडेंट फंड
8- इंडियन नावल डाॅकयार्ड वर्कमेन्स प्रोविडेंट फंड
9- डिफेंस सर्विस ऑफिसर्स प्रोविडेंट फंड
10- आर्म्ड फोर्सेज पर्सनल प्रोविडेंट फंड
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क्या होता है GPF
GPF (गवर्नमेंट प्रोविडेंट फंड) सरकारी कर्मचारियों के प्रोविडेंट फंड से सीधे जुड़ा होता है। यह बिलकुल पीएफ की तरफ ही काम करता है। इम्प्लाॅयज प्रोविडेंट फंड ऐसी कंपनियों पर लागू होता है जहां 20 से अधिक कर्मचारी कार्यरत रहते हैं। ईपीएफ में 2.5 लाख रुपये तक इनवेस्टमेंट टैक्स के दायरे से बाहर रहता है जबकि जीपीएफ में यह छूट 1.5 लाख रुपये तक ही रहती है।







