व्यापारियों के संगठन कनफेडेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने कोरोना वायरस महामारी के प्रसार पर अंकुश के लिए लॉकडाउन और रात्रि कर्फ्यू के स्थान पर अन्य विकल्पों को आजमाने का आग्रह किया है।  प्रधानमंत्री मोदी को रविवार को भेजे गए एक पत्र में कैट ने कहा है कि रात्रि कर्फ्यू या लॉकडाउन से अभी तक देश में कोविड के बढ़ते मामलों पर अंकुश नहीं लगा है, ऐसी स्थिति में यह अधिक उपयुक्त होगा यदि पूरे देश में विकल्प के तौर पर जिला स्तर पर बेहद मज़बूती के साथ कोविड उपायों को अपनाया जाए और विभिन्न क्षेत्रों के काम के समय में परिवर्तन किया जाए।

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पत्र में कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी सी भरतिया और महासचिव प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि पिछले एक सप्ताह में कोविड के आंकड़ों का बारीकी से विश्लेषण करने से यह स्पष्ट हो गया है कि विभिन्न राज्यों में रात्रि कर्फ्यू और लॉकडाउन कोविड मामलों को नीचे लाने के वांछित परिणाम को पाने में असफल रहे है।

केवल लॉकडाउन निश्चित समाधान नहीं

उन्होंने कहा की पांच अप्रैल को भारत में 96,563 कोविड मामले दर्ज किए गए। इनमें सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र में आए। उसके बाद महाराष्ट्र, दिल्ली, गुजरात, पंजाब, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ में विभिन्न प्रतिबंध लगाए गए हैं। खंडेलवाल ने कहा कि रात्रि कर्फ्यू या लॉकडाउन के बजाय अन्य वैकल्पिक उपलब्ध उपायों को अपनाया जाए, तो शायद कोविड के मामलों पर रोक लग सके। कैट ने सुझाव दिया है कि केवल लॉकडाउन निश्चित रूप से समाधान नहीं है। 

पिछले लॉकडाउन के नुकसान से उबरने के लिए संघर्ष

पत्र में कहा गया है कि देश का व्यापार और वाणिज्य 2020 के पिछले लॉकडाउन के नुकसान से उबरने के लिए संघर्ष कर रहा है। एक तरफ कोविड मामलों में वृद्धि को रोकने के लिए प्रभावी कदमों की आवश्यकता है जबकि दूसरी ओर आर्थिक और वाणिज्यिक गतिविधियों को भी सख्त तरीके से कोविड सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते चलने देना चाहिए।



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