कांग्रेस के सीनियर नेता मनीष तिवारी ने रविशंकर प्रसाद पर पलटवार करते हुए कहा कि जो गुस्सा कानून मंत्री विपक्ष पर दिखा रहे हैं वे देश के दुश्मनों को दिखाएं.

नई दिल्ली: लद्दाख में भारतीय सीमा के अंदर चीनी सैनिकों के अतिक्रमण के मुद्दे पर देश में राजनीति तेज है और बयानबाजी जारी है. जहां एक तरफ इस मुद्दे पर स्थिति साफ करने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी सरकार पर लगातार दबाव बना रहे हैं वहीं मोदी सरकार के कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी की देशभक्ति पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि चीन के साथ सामरिक संबंधों पर ट्विटर से सवाल नहीं पूछते.

इसके जवाब में कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा है कि भारतीयता और राष्ट्रीयता किसी की बपौती नहीं है. कानून मंत्री लाल आंख देश के दुश्मनों को दिखाएं विपक्ष को नहीं. कांग्रेस ने प्रधानमंत्री से सवाल पूछा है कि चीनी सैनिक भारतीय सीमा में कैसे घुस गए और इसके कौन जिम्मेदार है?

रविशंकर प्रसाद पर पलटवार करते हुए मनीष तिवारी ने कहा, “भारतीयता और राष्ट्रीयता किसी की बपौती नहीं है. भारत के नागरिक होने के नाते, एक जिम्मेदार विपक्ष होने के नाते अगर भारत की भूमि के ऊपर अतिक्रमण होता है, तो ये हमारा उत्तरदायित्व बनता है कि हम सरकार से सीधे सवाल पूछें और सीधे जवाबों की उम्मीद करें. जो गुस्सा कानून मंत्री विपक्ष की ओर दिखा रहे थे वो लाल आंख भारत के जो दुश्मन हैं, भारत के जो विरोधी हैं, जिन्होंने भारत की भूमि पर अतिक्रमण किया है, अगर वो आंखे वो उनको दिखाएं, तो ज्यादा बेहतर रहेगा.”

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री से सवाल पूछा है कि 5 मई 2020 से लेकर आज तक भारत की कितनी सरजमीं के ऊपर चीन की फौज ने कब्जा या अतिक्रमण किया है? चीनी सैनिक भारतीय सीमा के अंदर कैसे घुस आए और यह किसकी नाकामी है? क्या सरकार कोई जिम्मेदारी तय करेगी?

मनीष तिवारी ने पूछा, “गलवान वैली में पैंगसोंग सो लेक के ऊपर जहां चीन अपने सैनिक और अपने टैंट्स जमाए बैठा है, फिंगर फोर के ऊपर और गलवान वैली में दौलत बेग ओल्डी रोड को ओवरलुक करता है, वहां से चीन की सेना को हटाने के लिए और 1 अप्रैल 2020 को स्टेट्स-को था, वो स्टेट्स-को को रीस्टोर करने के लिए सरकार क्या कर रही है? पिछले दौर में जो उनमें कौन-कौन से इलाकों से चीन की सेना हटी है?”

कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि पिछले लगभग 35 दिनों में, 5 मई, 2020 से देश की सरहद के ऊपर परिस्थिति बहुत ही संवेदनशील है. रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस बात को स्वीकार किया है कि अच्छी खासी संख्या में चीनी सैनिक भारत की सीमाओं में घुस आए हैं. कई पूर्व सैन्य अधिकारियों और सुरक्षा से जुड़े बहुत से विशेषज्ञों का मानना है कि चीन ने लगभग भारत की 40 से 60 किलोमीटर भूमि के ऊपर कब्जा किया है.

तिवारी ने कहा कि जब देश की सुरक्षा, एकता और अखंडता, प्रभुसत्ता का सवाल हो, तो देश ये उम्मीद करता है कि भारत के प्रधानमंत्री, भारत के रक्षा मंत्री, भारत के रक्षा सचिव या कोई जिम्मेदार पद के ऊपर बैठा हुआ व्यक्ति औपचारिक तौर पर आकर देश को पूरी बात बताए लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा और सवालों से बचने की कोशिश की जा रही है.

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