#UP by elections# UP Govt.#CM Yogi# SP supremo Akhlesh Yadav#LOP Rahul Gandhi# Election Commission# PM Modi# NDA# INDIA alliance#
यूपी मे भाजपा की साख फिर दांव पर
वैसे भी यूपी में लोकसभा चुनाव में भाजपा को भारी झटका लगा है। इंडिया गठबंधन ने भाजपा को पूरी तरह से उखाड़ दिया है। राहुल गांधी और अखिलेश यादव ने जिस जोश और युनिटी के साथ चुनाव में प्रचार किया उससे जनता ने भाजपा की बातों की असलियत जानी। यही वजह रही जिससे समाजवादी पार्टी ने इतिहास रचते हुए 37 सीटों पर जीत हासिल करी।
वहीं कांग्रेस ने भी छह सीटों पर जीत हासिल की है। इंडिया गठबंधन ने जिस तरह से राहुल गांधी और अखिलेश यादव जनता को समझाया कि मोदी शाह की सरकार बनने पर संविधान और आरक्षण दोनों खतरे में पड़ जायेंगे। पिछले दस सालोें में मोदी सरकार ने किसान,मजदूर और युवाओं के लिये कुछ भी नहीं किया। इंडिया गठबंधन ने अपने घोषणापत्र में यह वादा किया था कि उनकी सरकार बनने पर महंगाई नियंत्रण, महिलाओं नौजवानों किसानों और वंचित समाज के लोगों के लिये आर्थिक न्याय की गारंटी दी थी। ये सभी मुद्दे सीधे जनता से जुड़े हैं। समाज का हर वर्ग इन मूलभूत समस्याओं से प्रभावित हैं। लेकिन सत्तारूढ़ दल इन मुद्दों पर बात करने का तैयार नहीं है। निषाद पार्टी अध्यक्ष संजय निषाद भी आरक्षण के विषय पर अपना दल के साथ खड़े दिख रहे हैं। जाहिर है दोनों दल केन्द्र सरकार पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में भाजपा के लिये परेशानी होना लाजिमी है।
यूपी लोकसभा चुनाव में भाजपा क्यों हारी
लोकसभा चुनाव में भाजपा के खराब प्रदर्शन को लेकर पार्टी और संघ इस हार के कारणों को जानने की कोशिश कर रही है।शाह की शह पर मंत्री भी योगी को भाव नहीं देते शाह की शह पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक के साथ साथ ओपी राजभर दारा सिंह चौहान भी योगी को नजरंदाज करने से बाज नहीं आ रहे थे। यह माना जा सकता है दिल्ली में बैठे शाह यूपी सरकार को चलाने का प्रयास कर रहे थे। इससे पहले भी शाह के इशारे पर पूर्व आईएएस अरविंद शर्मा को यूपी भेज दिया जो योगी के कामकाज में दखल देने का उस समय आरएलडी भी उनके साथ मिलकर चुनाव लड़ी थी।

जयंत के जाने का इंडिया ब्लाक पर असर नहीं
आम चुनाव से पहले जयंत चौधरी ने पाला बदलते हुए एनडीए का हाथ थाम लिया। लेकिन इस बात का इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन पर बहुत ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ा। लेकिन जयंत चौधरी ने केन्द्रीय मंत्रिमंडल में जगह बना ली। लेकिन भजापा को यूपी में भारी आघात लगा है। अभी तक इस हार को पचा नहीं पा रही है। आम चुनाव के दौरान ही आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने यह कह कर चौंका दिया कि चुनाव के बाद मोदी शाह योगी आदित्याथ को हटा कर दिल्ली लाने की योजना बन रहेे हैं। इस बात से भाजपा कार्यकर्ताओं में उहापोह की स्थिति बन गयी। संघ के सेवक भी पूरी तरह से चुनाव प्रचार में नहीं जुटे। एक प्रमुख कारण यह भी रहा कि लोकसभा चुनाव में टिकट वितरण में सीएम योगी की नहीं चली दिल्ली से ही सीटें तय कर दी गयीं। बहरहाल यूपी में भाजपा के लिये काफी चुुनौतिया सामने खड़ी हैं। लोकसभा में मुंह की खाने के बाद भी मोदी शाह का अहंकार और हेकड़ी कम नहीं हुई है।








