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अभी हाल ही में आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक जनसभा में यह कह कर चौका दिया कि भारतीय करंसी में लक्ष्मी गणेश का चित्र होना चाहिये। यह बयान जैसे ही वायरल हुआ। भाजपा के तो होश ही उड़ गये। उसकी सारे प्रवक्ता और नेताओं ने आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल को निशाने पर लेना शुरू कर दिया है। कोई कह रहा है कि केजरीवाल ने नोट पर लक्ष्मी गणेश के चित्र को लगाने की बात कह कर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का अपमान किया किया है।
भाजपा ने केजरीवाल पर साधा निशाना
प्रवक्ता संबित पात्रा ने केजरीवाल पर तंज करते हुआ कि आम आदमी पार्टी चुनाव जीतने के लिये धर्म का आडंबर कर रही है। गुजरात और हिमाचल में हो रहे चुनाव को देखते हुए हिन्दुओं को लुभाने के लिये पाखंड का सहारा लिया जा रहा है। वहीं सांसद मनोज तिवारी ने भी देवी देवताओं के चित्र पर घेरते हुए कहा कि केजरीवाल ने दिल्लीवासियों की जिंदगी बदहाल कर दी है। अब जब उनकी पोल खुल रही है तो उन्हें देवी देवता याद आ रहे हैं।
आप ने लगायी भाजपा के मुद्दे में सेंध
दिलचस्प बात यह है कि दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने भाजपा की दुखती रग पर हाथ रख दिया है। हिन्दुत्व के मुद्दे पर केजरीवाल ने नहले पर दहला मार दिया है। अभी तक भाजपा ही हिदुत्व के मामले उठाती आयी है। भाजपा के लिये यही मुद्दा जीतने का मूलमंत्र है। भाजपा सांप्रदायिकता और मंदिर की राजनीति के जरिये ही देश के अनेक प्रदेशों में राज कर रही है। उसके एजेंडे में विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और अनेक मूल भूत मुद्दे शामिल नहीं होते हैं। उनका मुख्य एजेंडा हिन्दू मुस्लिम, मंदिर मस्जिद, पाकिस्तान, जम्मू कश्मीर और कांग्रेस ही होते हैं। उनका देश के विकास और आर्थिक नीतियों को सुधारने जैसे अहम् मुद्दे मोदी सरकार के एजेंडे में शामिल नहीं हैं। भाजपा नेता शहनवाज खान तो सभी नेताओं से आगे निकल गये कि उन्होंने गणेश लक्ष्मी वाले बयान पर यह कह दिया कि इससे महात्मा गांधी का अपमान हुआ है। भारतीय करंसी के नोट पर महात्मा गांधी का चित्र हैं। मालूम हो कि हरियाणा सरकार में मंत्री अनिल विज ने एक बयान दे कर चौंका दिया था कि भारतीय नोट से महात्मा गांधी का चित्र हटा देना चाहिये। क्यों कि इस गांधी के चित्र की वजह से भारतीय मुद्रा का अवमूल्यन हो रहा है।
भाजपा की चिंता बढ़ी
अरविदं केजरीवाल का ताजा बयान तेजी से देशभर में फैल रहा है। भाजपा की सबसे बड़ी चिंता यही है कि जिस एजेंडे का वो पिछले तीस सालों से अपना कर अपना वजूद कायम रखने में सफल रही है उसमें आम आदमी पार्टी ने सेंध लगा दी है। कुछ भाजपा नेता इस बयान को अरविंद केजरीवाल का मास्टर स्ट्रोक बता रहे हैं। भाजपा को यह बात हजम नहीं हो रही कि कल की आयी एक नयी पार्टी उनके मूलमंत्र को ही हथियाने की कोशिश कर रही है। इसे भाजपा कैसे बर्दाश्त कर ले। कुछ दिनों पहले दिल्ली सरूकार के मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने बौत्द्ध सभा में मूर्ति पूजा और हिन्दू देवी देवताओं को न मानने की शपथ दिलवायी थी। इससे भाजपा ने आम आदमी पार्टी घेरना शुरू कर दिया कि केजरीवाल और आप दोनों हिन्दू विरोधी हैं। ऐसा लगने लगा था कि इस मामले से भाजपा के हाथ एक बहुत बड़ा मुद्दा हाथ लग गया है। लेकिन केजरीवाल ने राजेंद्र पाल गौतम से इस्तीफा लेकर इस मामले पर ठंडा पानी डाल दिय है। लेकिन भाजपा इस मामले को इतनी आसानी से छोड़ने वाली नहीं है। वो गुजरात और हिमाचल में इस मामले को बढ़ा चढ़ा कर प्रचार करेगी ताकि आम आदमी पार्टी का प्रभाव वोटरों पर न पड़े।








