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ठग बागेश्वर बाबा की यूं आलोचना न करें। आइए बागेश्वर बाबा के साथ मिलकर सनातन धर्म का उत्थान करें।
बाबा का दावा है कि आप अर्जी लेकर जाइए, वे भगवान के पास आपकी अर्जी लगाएंगे फिर भगवान का बताया उपाय आपसे बताएंगे और आप उसका पालन करें।
दूसरे शब्दों में कहें तो इस दुनिया में वह ऐसा जीव है जिससे ईश्वर डायरेक्ट बात करता है। उनके दावे पर जैसे ही आप भरोसा करेंगे, वैसे ही सारे दर्शन, द्वैत-अद्वैत, मीमांसा सब ढह जाएंगे।
दुनिया भर के धर्म दर्शन का इतिहास ईश्वर की खोज का इतिहास है। मोटा मोटी निष्कर्ष यह है कि चूंकि आत्मा बद्ध है, बंधनों से इसलिए हमारी इंद्रियां ईश्वर को नहीं देख सकतीं।ईश्वर इंद्रियतीत है। अगर आत्मा शरीर रूप में ईश्वर का साक्षात्कार नहीं कर सकती तो क्या वह नफरत फ़ैलाने वाला जोकर साक्षात ब्रह्म है? वह ईश्वर का अवतार है? वह बात किस्से करता है? कैसे करता है? वह भी हास्यास्पद मजमा लगाकर? क्या सच में?

यह बाबा कहता है कि वह ईश्वर से बात करके आपकी परेशानी का समाधान पूछता है। हमारे दर्शन कहते हैं- आत्मा और परमात्मा के बीच किसी माध्यम की अनिवार्यता नहीं है। आत्मा परमात्मा का अंश है। आत्मा शरीर धारण करती है। साधारण मानव को ज्ञान के लिए गुरु की आवश्यकता हो सकती है। लेकिन आत्मा को परमात्मा तक पहुंचने के लिए किसी दलाल की जरूरत नहीं होती। ईश्वर से बात करके समस्या का समाधान एक निकृष्ट किस्म का मजाक है।
ईश्वर को जानने के लिए वेद, पुराण, उपनिषद और दर्शन मौजूद हैं। हमें मार्गदर्शन चाहिए। डाकिया नहीं चाहिए। विवेकानंद कहते हैं, तुम ही ईश्वर हो। तुम कोई अन्य नहीं हो। ईश्वर अगर मनुष्य से बात कर सकता है तो मेरी आत्मा से करेगा। दलाल क्यों रखेगा?
यह ठग बाबा सनातन धर्म का मजाक बनाने वाला आस्थाओं का लुटेरा है। घटिया भाषा और नफरत भरे विचार फैलाने वाला ऐसा जोकर सनातन धर्म का रक्षक नहीं, लुटेरा है।
हिंदू हूं, चुतिया नहीं।
Krishnkant
Freelance Author & Journalist








