Edited By Chandra Pandey | एएनआई | Updated:
नई दिल्ली
चीन के साथ जारी तनाव (India-China Border Dispute) के बीच आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने सेना के कमांडरों से किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा है। उन्होंने हाईएस्ट ऑपरेशनल तैयारी को बरकरार रखने को कहा है। सूत्रों के मुताबिक, (India China Faceoff) सेना के अलावा वायु सेना भी लद्दाख, नॉर्थ सिक्किम, उत्तराखंड और अरुणाचल प्रदेश सेक्टर में पूरी एलएसी पर ऑपरेशनल स्तर पर एकदम तैयार है। यानी कि किसी भी स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है।
सेना प्रमुख जनरल नरवणे ने तेजपुर स्थित चौथी कोर के मुख्यालय के अपने हालिया दौरे के दरम्यान कमांडरों को यह निर्देश दिया। सेना की चौथी कोर ही अरुणाचल प्रदेश सेक्टर में चीन सीमा की निगरानी की जिम्मेदारी निभाती है।
आर्मी सूत्रों ने एएनआई को बताया, ‘आर्मी चीफ ने अपने सभी कमांडरों को किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहने और मोर्चे पर बहुत ही उच्च स्तर की ऑपरेशनल तैयारी को बरकरार रखने को कहा है।’
सेना प्रमुख ईस्टर्न कमान के दो दिनों के दौरे पर थे जहां उन्हें एलएसी पर भारत और चीन की सेनाओं की तैनाती और सीमा पार की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी गई।
सेना प्रमुख का ये निर्देश ऐसे वक्त में आया है जब पूर्वी लद्दाख में तनाव के बीच चीनी सेना एलएसी पर युद्ध जैसी तैयारी करती दिख रही है। चीनी सेना ने 4 से 5 कंबाइंड आर्म्ड ब्रिगेड्स की तैनाती जारी रखी है। ऐसा लग रहा है कि वह जंग के लिए इंटिग्रेटेड बैटल ग्रुप को बनाने की कोशिश कर रही है। पूर्वी लद्दाख में चीन की तरफ से हलचल के मद्देनजर इंडियन आर्मी ने वहां एलएसी पर करीब 40 हजार सैनिकों की तैनाती कर रखी है।
चीनी सेना ने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश से लगी एलएसी के नजदीक भी बड़ी तादाद में तैनाती की है। पूर्वी लद्दाख में दोनों देशों के बीच जारी गतिरोध अभी और लंबा खिंच सकता है। तनाव कम करने के लिए हुई हालिया सैन्य बातचीत में चीन ने फिंगर एरिया से पूरी तरह हटने से इनकार कर दिया है।







