Lakhimpur Kheri Violence: लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri) घटना में मृतक किसानों को 45 लाख रुपये और घायलों को 10 लाख रुपये मदद दी जाएगी. हाइकोर्ट (High Court) के रिटायर्ड जज की निगरानी में पूरे मामले की न्यायिक जांच होगी. एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार (Prashant Kumar) ने इसकी जानकारी दी है.

एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने कहा कि ”कल लखीमपुर खीरी में मारे गए 4 किसानों के परिवारों को सरकार 45 लाख रुपये और एक सरकारी नौकरी देगी. घायलों को 10 लाख रुपये दिए जाएंगे. किसानों की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी. हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज मामले की जांच करेंगे.” उन्होंने बताया कि ”सीआरपीसी की धारा 144 लागू होने के कारण राजनीतिक दलों के नेताओं को जिले का दौरा नहीं करने दिया गया है. हालांकि, किसान संघों के सदस्यों को यहां आने की अनुमति है.”

अजय मिश्रा ने हिंसा के लिए राकेश टिकैत को जिम्मेदार ठहराया

बता दें कि लखीमपुर हिंसा पर केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद मंत्री की सफाई आई है. मंत्री ने कहा कि घटना के वक्त बेटा मौजूद नहीं था. उन्होंने न्यायिक जांच की मांग की.

अजय मिश्रा ने इस हिंसा के लिए भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत को जिम्मेदार ठहराया है. अजय मिश्रा ने कहा है कि मैं और मेरा बेटा उस वक्त घटना स्थल पर मौजूद नहीं थे. इस मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए. सच सबके सामने आ जाएगा. उन्होंने कहा, ”हिंसा में हमारे कार्यकर्ता भी मरे हैं, उनको भी मुआवजा मिलना चाहिए. हमने इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की है. जो दोषी हैं उनपर कार्रवाई होनी चाहिए.”

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