दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसान आंदोलन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम किसान सम्माम निधि योजना के तहत 18 हजार करोड़ रुपए जारी किए। पीएम मोदी ने किसानों से संवाद शुरू करने से पहले पीएम किसान योजना की अगली किस्त के तौर पर देश के करीब नौ करोड़ से अधिक किसानों के खाते में 18 हजार करोड़ रुपए ट्रांसफर किए। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 6 राज्यों के करोड़ों किसानों के साथ संवाद किया। पीएम मोदी ने कहा कि कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग पर विपक्ष भ्रम फैला रहा है।

पीएम मोदी ने किसानों से संवाद कार्यक्रम में सबसे पहले अरुणाचल प्रदेश के किसान गगन पेरिंग से बात की। गगन पेरिंग ने बताया कि उन्हें पीएम किसान निधि के तहत 6,000 रुपये मिले हैं, जिसका उपयोग ऑर्गेनिक खाद और दवा खरीदने में किया।’ उन्होंने फिर बताया कि एफपीओ के तहत उनके साथ 446 किसान जुड़े हैं जो ऑर्गेनिक अदरक उगाते हैं। इसके बाद फिर पीएम मोदी ने पूछा कि आप छोटे किसानों को प्राइवेट कंपनी के साथ जोड़ते हैं, तो क्या उन्होंने सिर्फ प्रोडक्ट खरीदे या जमीन भी ले ली। इस पर गगन ने कहा कि उन्होंने एक कंपनी से करार किया है, जिसमें सिर्फ उत्पाद ले जाने की बात है, जमीन की नहीं। जमीन सुरक्षित है। 

इस किसान की बात पर पीएम मोदी ने कहा कि आप इतनी दूर अरुणाचल प्रदेश में बैठे हैं और कह रहे हैं कि आपकी जमीन सुरक्षित है, मगर यहां किसानों के बीच भ्रम फैलाया जा रहा है कि किसानों की जमीन ले ली जाएगी।

पीएम मोदी ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक बटन दबाकर 9 करोड़ से अधिक किसान लाभार्थियों के खातों में 18,000 करोड़ रुपये हस्तांतरित की।

बता दें कि पीएम किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) के तहत वित्तीय लाभ की अगली किस्त जारी किए जाने के अवसर को भाजपा ने ‘उत्सव’ के रूप में मनाने का फैसला किया था और इसके लिए तैयारी भी कर रखी है। इसके लिए आयोजित कार्यक्रमों में एक करोड़ किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। 

इसे लेकर पीएम मोदी ने एक ट्वीट भी किया था, जिसमें उन्होंने लिखा, ‘कल (शुक्रवार) का दिन देश के अन्नदाताओं के लिए बेहद अहम है। दोपहर 12 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 9 करोड़ से अधिक किसान परिवारों को पीएम-किसान की अगली किस्त जारी करने का सौभाग्य मिलेगा। इस अवसर पर कई राज्यों के किसान भाई-बहनों के साथ बातचीत भी करूंगा।’

इस दौरान केंद्रीय मंत्री, सांसद, विधायक और सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ अन्य भाजपा नेता देश भर में पार्टी की ओर से आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और किसानों से संवाद भी करेंगे। भाजपा ने यह कार्यक्रम ऐसे समय में तय किया है कि जब दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर किसान पिछले चार सप्ताह से अधिक समय से तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। वे इन कानूनों को रद्द किए जाने की मांग पर अड़े हुए हैं जबकि सरकार ने इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया है।

यह कार्यक्रम ऐसे दिन है जब देश में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती भी मनाई जाएगी। वर्ष 2014 में सत्ता में आने के बाद से भाजपा इस दिन को ‘सुशासन दिवस’ के रूप में मनाती है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने ने कहा कि इस उत्सव के अवसर पर भाजपा के नेता और देश भर के किसान अलग-अलग कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। देश के 19,000 से ज्यादा स्थानों पर ये कार्यक्रम आयोजित होंगे। इन कार्यक्रमों में देश के एक करोड़ से ज्यादा किसानों की भागीदारी सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि सिर्फ उत्तर प्रदेश में 3000 स्थानों में इन कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राजधानी के मेहरौली और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारका सेक्टर 15 में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। किसानों के लिए उठाए गए विभिन्न कदमों की जानकारी देते हुए सिंह ने दावा किया कि देश का किसान प्रधानमंत्री मोदी के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा, ‘देश के किसान को भरोसा है कि देश की खेती-किसानी का यदि कोई भला कर सकता है तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ही कर सकते हैं।’





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here