लखनऊ में अपराध पर लगाम नहीं लग रहा है. जिस कारण लखनऊ में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं. जहां पुलिस अपराधियों पर नकेल कसने में फेल नजर आ रही है. दिवाली पर लखनऊ में हुई वारदात से सच्चाई सामने आई है. धनतेरस के दिन बद्री सर्राफ के मालिक पर गोली चला दी गई थी. लखनऊ पुलिस नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर मामला ही भूल गई. गोली चलाने वाले शूटरों का 15 दिन बाद भी पता नहीं. बड़ा सवाल ये उठ रहा है कि कमिश्नर सिस्टम लागू होने के बाद भी राजधानी के हालात सुधरे नहींं है. बता दें कि लखनऊ कमिश्नरेट में 14 IPS अधिकारी तैनात हैं.







