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चुनाव आयोग की हैसियत सत्ता के गुलाम सी!
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का पीएम मोदी पर तंज कसना चुनाव आयोग को क्यों खल रहा है। ये बात तो साफ हो गयी है कि चुनाव आयोग सिर्फ अपने आका के इशारे पर ही ऐक्टिव होता है। इससे पहले वो चिर निद्रा सोता रहता है। इससे पहले पीएम मोदी के मूर्खों का सरदार, पांच किलो राशन और कांग्रेस को फांसी लगने वाला बयान चुनाव आयोग के कानों तक पहुंच नहीं पायी है। लेकिन राहुल गांधी के पनौती वाले बयान ने चुनाव आयोग की नींद में खलल पड़ गयी और राहुल गांधी को कारण बताओ नोटिस थमा दिया। इसी तरह कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को चुनाव आयोग ने नोटिस दिया कि उन्होंने आम सभा के दौरान ये कैसे कह दिया कि पीएम ने लिफाफे के अंदर चंदे में 21 रुपये रखे थे। इससे साफ हो गया है कि चुनाव आयोग भी अन्य एजेसियों की तरह मोदी सरकार का गुलाम हो गया है। इन सब वजहों से कहा जा सकता है कि मोदी और सरकार दोनों को ही यह एहसास हो गया है कि अब उनके अच्छे दिन खत्म हो गये हैं इसलिये बेवजह की बातों से जनता को बरगलाने का प्रयास कर रहे हैं।
गजब देश है कि पीएम मोदी किसी को महामूर्ख या मूर्खों का सरदार बोल सकते हैं। किसी महिला को कांग्रेस की विधवा बोल सकते है। भाजपा के नेता राहुल गांधी के बारे में कुछ भी अफवाह उड़ा सकते है। लेकिन किसी ने उन्हें पनौती नाम से संबोधित कर दिया तो पूरी की पूरी सरकार, पार्टी और आईटी सेल के साथ चुनाव आयोग के पेट में भी दर्द होने लगा है। यानि वो करें तो शिष्टाचार और दूसरा कोई करे तो भ्रष्टाचार। वो करें तो पुण्य राहुल गांधी करें तो भ्रष्टचार। सारा देश सोशल मीडिया पर पनौती ट्रेंड कर रहा है। ये देखा गया कि पीएम मोदी जिस भी मैच या कार्यक्रम में शरीक होते हैं वो विफल हो जाता है। चंद्रयान 2 प्रक्षेपण के समय भी पीएम मोदी वहां पहुंचे थे और अभियान फेल हो गया। लेकिन चंद्रयान 3 के समय पीएम मोदी नहीं मौजूद नहीं थे और अभियान सफल हो गया। तब से मोदी के नाम के साथ पनौती शब्द जुड़ गया है। भाजपा आगामी आम चुनाव को लेकर काफी परेशान है उसे लगने लगा है कि पनौती शब्द अगर चल पड़ा तो उनके लिये भारी परेशानी हो सकती है।

आज से नहीं काफी समय से प्रचलित है पनौती
विश्व क्रिकेट कप में भारत की हार होने के बाद से सोशल मीडिया पर पनौती शब्द ट्रेंड हो रहा है। ये शब्द मैच के पहले से ही सोशल मीडिया पर चल रहा था। लेकिन भारत की हार के बाद से सोशल मीडिया पर पनौती शब्द ट्रेंड करने लगा है। लेकिन भाजपा को ये लगने लगा कि कहींं ये नाम पीएम मोदी के साथ चिपक न जाये। इसलिये पूरा मंत्रिमंडल पनौती और भाजपा आईटी सेल शब्द को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी के पीछे हाथ धोकर पीछे पड़ गया है। इतना ही नहीं सरकार के दबाव में चुनाव आयोग ने राहुल गांधी को इस बात के लिये नोटिस थमा दिया कि उन्होंने आम सभा में पनौती शब्द बोल दिया था। ऐसे में राहुल गांधी पांच प्रदेशों में विधानसभा चुनाव का प्रचार कर रहे हैं। सब जगह पानौती शब्द ट्रेंड करने लगा है। इससे बीजेपी को भारी नुकसान हो रहा है। जनता में इस बात की चर्चा है कि बीजेपी पांच प्रदेशों में बुरी तरह हार रही है। अगर ऐसा होता है तो भाजपा के लिये आगामी आम चुनाव के लिये भारी समस्या पैदा हो जायेगी। राजनीतिक पंडितों की मानें तो पांच प्रदेशों के चुनाव परिणाम आम चुनाव के सेमीफाइनल हो सकते हैं।








