Modi Shah & yogi are so upset about next Gen. elections due to failior of delivery in UP
Modi Shah & yogi are so upset about next Gen. elections due to failior of delivery in UP

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यूपी में योगी को हटाने की साजिश,किसके हाथों में होगी यूपी की कमान

केन्द्रीय सत्ता पाने में लिये जिस दल को सफल होना है उसे यूपी पर विजय हासिल करना होता है। यानि केन्द्र को ​फतह करने के लिये यूपी को जीतना जरूरी है। भाजपा ने आगामी आम चुनाव के लिये यूपी में चालें चलना शुरू कर दिया है। इस बार भाजपा ने एक बड़ा फैसला लिया है कि यूपी में अब वो योगी को रिप्लेेस कर दूसरा नया घोड़ा तैयार करेगी। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और अमित शाह के बीच की अनबन अब सावर्​जनिक हो गयी है। लेकिन अब चर्चा यह है कि योगी और मोदी के बीच रिश्ते मधुर नहीं रह गये है। इस लिये रंगा और बिल्ला योगी को सत्ता से बेदखल करने की सोच रहे हैं। लेकिन गुजरात लॉबी इसे जितना आसान समझ रहे हैं उतना आसान नहीं है। जिस तरह से राजस्थान में वसुंधरा राजे ने बागी तेवर दिखा कर मोदी शाह को घुटने पर ला दिया ऐसा ही मंजर यूपी में योगी आदित्यनाथ भी दिखा सकते है।

CM Yogi is not feeling well in UP Politics & Govt. Dy. CM Keshav prasad Mourya & Brajesh Pathak are not adjusting with Cm, directly connecting Amit Shah
CM Yogi is not feeling well in UP Politics & Govt. Dy. CM Keshav prasad Mourya & Brajesh Pathak are unhappy 

योगी को गोरखपुर से चुनाव लड़ाने की योजना

यह चर्चा कि अगले साल आम चुनाव की तैयारी में भाजपा सक्रिय हो गयी है। यह चर्चा है कि केन्द्रीय नेतृत्व योगी को गोरखपुर से प्रत्याशी बनाने जा रही है। इस प्रकार योगी को यूपी से दूर हटा कर मोदी शाह अपने खास आदमी को सीएम बना सकती है। ऐसा इसलिये किया जा रहा है क्यों कि कुछ समय से यह सुनायी दे रहा है कि योगी आगामी पीएम बनने की मंशा रख रहे हैं। यूपी की राजधानी में जगह जगह पोस्टर देखे गये जिनमें योगी को अगला पीएम बनाने की मंशा दर्शायी गयी है। बस यही बात मोदी और शाह को पच नहीं रही है। मोदी शाह को यह कतई बर्दाश्त नहं है कि कोई पीएम रेस में आने का दावा कर सके। हिन्दुत्व के मामले में हिन्दी बेल्ट में योगी के बराबर कोई नेता नहीं दिखता है। पिछले विधानसभा चुनाव में योगी ने इसी बल पर लगातार दूसरी बार चुनाव जीता और अपनी छवि को और भी ज्यादा चमकाया है। मोदी शाह भी इस बात से वाकिफ हैं कि योगी को रिप्लेस करना इतना आसान नहीं है यूपी में योगी की हैसियत जन जन में श्रेष्ठ सीएम के रूप में बन चुकी है। मोदी शाह अगर ऐसा करते हैं तो यूपी में भाजपा दो धड़ो में बंट सकती है जैसा कि राजस्थान में हुआ एक वसुंधरा का तो दूसरी मोदी शाह का। यूपी में भी ऐसा मंजर देखने को मिल सकता है। सोचिये अगर योगी बागी हुए तो मोदी का तीसरी बार पीएम बनने का सपना धूसरित हो जायेगा। ऐसा वो ​किसी सूरत में होने नहीं देना चाहेंगे। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि पीएम मोदी और योगी दोनों ही जिद्दी हैं। ये भी सच है कि योगी को राजनाथ, शिवराज या रमन सिंह समझा तो परिणाम भयावह होंगे।

देश की राजनीति करवट लेती जा रही है

जैसे जैसे आम चुनाव का वक्त करीब आता जा रहा है वैसे वैसे देश की राजनीति करवट लेती जा रही है। एनडीए के घटक दल भी मौके की नजाकत देखते हुए पाला बदलने में लगे है। ऐसे में मोदी और शाह ने विधानसभा चुनावों में अजीबो गरीब प्रयोग किये। ये प्रयोग उनके लिये ही भारी पड़ता दिख रहा है। मोदी शाह ने मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में केन्द्रीय मंत्रियों और सांसदों को चुनाव लड़ने पर मजबूर कर दिया। इससे लोगों में यह संदेश गया कि केन्द्रीय नेतृत्व को स्थानीय नेताओं और मुख्यमंत्रियों पर विश्वास नहीं रहा है इसीलिये केन्द्रीय मंत्रियों और सांसदों को विधानसभा के चुनाव में उतारा गया है। उधर मंत्रियों को यह लगा कि उनका डिमोशन किया गया है। दूसरी ओर मोदी शाह ने एक तीर से दो निशाने लगाये हैं एक तरफ लोकल लीडरशिप को नकार कर उन्हें ये संदेश दिया कि उनकी राजनीति अब केन्द्र के इशारे पर ही जीवित रहेगी। वहीं दूसरी ओर मंत्रियों और सांसदों चेताया कि चुनाव जिताओ या घर पर बैठो।

सीएम रेस में आधा दर्जन लोगों की चर्चा

अब इस बात पर चर्चा कर ले कि यदि योगी का रिप्लस किया तो उनका विकल्प कौन बनेगा। पिछले छह माह से इस बात पर गहन चिंतन किया जा रहा है। योगी को भी इस बात की भनक है कि उनकी सरकार के कुछ मंत्री उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं। ऐसे मंत्री योगी से बात न करके सीधे अमित शाह से मिलते है। इनमे सबसे पहला ना उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का है। जो अपने आप को अगला सीएम उम्मीदवार मानते हैं। पहले भी उनके नाम की काफी चर्चा हुई थी। लेकिन पिछले विधानसभा चुनाव में वो हार गये थे। लेकिन केन्द्रीय नेतृत्व के दबाव में उन्हें फिर से डिप्टी सीएम बनाया गया था। आजकल वो सीएम के साथ मिलना पसंद नहीं करते हैं। दीपावली मनाने को वो अयोध्या भी नहीं गये थे। उन्हें योगी के साथ हेलिकॉप्टर से अयोध्या जाना था। लेकिन वो नहीं गये। कैबिनेट की बैठकों में भी वो नहीं पहुंचते है। दोनो के बीच कोल्ड वार चल रहा है। इसके अलावा जम्मू कश्मीर के गवर्नर मनोज सिन्हा को सीएम पद दिलवाया जा सकता है। रेस में नाम तो ब्रजेश पाठक का भी लिया जा रहा है। ये भी सीएम योगी से नाखुश बताये जा रहे हैं। योगी पर आरोप है कि वो विधायकों और मंत्रियों से मिलते नहीं हैं उनकी बातें तक सुनना नहीं चाहते हैं।

सबसे ऊपर सीएम रेस में केन्द्रीय राज्य मंत्री

आजकल जिस केन्द्रीय राज्यमंत्री का नाम चर्चा में ​है वो है पंकज चौधरी का। वो केन्द्र में वित्तीय राज्यमंत्री है। वो महाराजगंज से छह बार के सांसद है। साथ ही यूपी में ओबीसी के बड़े चेहरे के रूप में जाने जाते हैं। योगी के सामने बड़े और कद्दावर नेता हो सकते हैं। काफी लो प्रोफाइल हैं ये बात गुजरात लॉबी को सबसे ज्यादा प्रभावित करती है। मोदी शाह के आगे सर्वथा नतमस्तक रहते हैं। सुनने में आया है कि जो मोदी किसी भी मुख्यमंत्री या राज्यपाल से मिलते नहीं है। सुनने में आया है कि पीएम गोरखपुर यूपी के दौरे में मोदी योगी के आवास या आश्रम न जाकर पंकज चौधरी के घर गये थे। यह कार्यक्रम पहले से तय नहीं था। उसके बाद से ही पीएम ने अपने दिल्ली आवास में पंकज चौधरी को मिलने बुला कर घंटें भर बात की थी। इस बात से ही अंदाज लगाया जा रहा है कि योगी को अगले साल आम चुनाव के पहले रिप्लेस किया जा सकता है।

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