महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी में अब भी खटपट के संकेत मिल रहे हैं, क्योंकि शिवसेना और एनसीपी के बीच तनातनी का कोई अंत होता नहीं दिख रहा है। एनसीपी सांसद अमोल कोल्हे के बयान से खफा दिख रही शिवसेना ने एमवीए सहयोगियों में दुर्भावना न फैलाने की नसीहत दी है। शिवसेना ने एनसीपी सांसद कोल्हे से कहा कि दोनों दलों के बीच जहर घोलने की कोशिश न करें और सत्ता का जो अंगूर मिला है, उसमें खटास न लाएं। बता दें कि कोल्हे ने कहा था कि शरद पवार के आशीर्वाद की वजह से ही उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री हैं।

एनसीपी सांसद कोल्हे के बयान के जवाब में शिवसेना के प्रवक्ता किशोर कान्हेरे ने एक बयान में कहा कि शिरूर सांसद को यह नहीं भूलना चाहिए कि उप मुख्यमंत्री अजीत दादा पवार और दस्तूर शरद पवार खुद राज्य चलाने के लिए उद्धव साहब से लगातार परामर्श कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘अमोल कोल्हे के मेमोरी टेस्ट का समय आ गया है। एक अभिनेता, जो लिखित संवादों को पढ़ने का आदी है, शायद यह भूल गया है कि वह उसी उद्धव ठाकरे के आशीर्वाद के कारण राजनीति में है।’ उन्होंने कहा कि सत्ता का जो अंगूर आपको मिला है, उसे खट्टा मत बताओ।

गौरतलब है कि शनिवार को कोल्हे ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में दावा किया कि उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री हैं, केवल इसलिए कि उनके पास शरद पवार का आशीर्वाद है।” बता दें कि अमोल कोल्हे एनसीपी में आऩे से पहले शिवसेना के साथ थे।

इस बीच, एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने गुरुवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मुंबई में उनके आवास पर मुलाकात की। गौरतलब है कि पिछले डेढ़ महीने में पवार और ठाकरे के बीच यह दूसरी मुलाकात थी और यह ऐसे समय में आई है जब गठबंधन में संकट की अटकलें लगाई जा रही हैं। सूत्रों के अनुसार, 30 मिनट तक चली बैठक में दोनों नेताओं ने राज्य में महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार के समन्वय सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा की।



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here