लखीमपुरी खीरी हिंसा के बाद प्रियंका गांधी और राहुल गांधी के एक्टिव रिस्पॉन्स को देखते हुए यह कहा जाने लगा कि इससे कांग्रेस पार्टी में एक नई जान फूंकी गई है। इस बीच चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने एक ट्वीट कर उसी कांग्रेस पर निशाना साधा है, जिसमें कुछ दिन पहले तक उनके शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही थीं। पीके ने लखीमपुर हिंसा के बाद की राजनीतिक गतिविधियों को कांग्रेस की वापसी के तौर पर देखे जाने को गलतफहमी बताया है। 

पीके ने ट्वीट किया है, ‘जिन लोगों को लगता है कि लखीमपुर कांड की वजह से कांग्रेस की अगुवाई में विपक्ष त्वरित वापसी करेगा, वह गलतफहमी में हैं।’ बता दें कि खबरों के मुताबिक, प्रशांत किशोर और कांग्रेस के बीच बातचीत अब टूट चुकी है और पीके ममता के लिए पर्दे के पीछे रहकर काम कर रहे हैं।

ध्यान देने वाली बात यह भी है कि पीके ने इस ट्वीट में कहीं भी कांग्रेस का नाम नहीं लिया है। हालांकि, उन्होंने ट्वीट में कांग्रेस की बजाय ‘जीओपी’ यानी ग्रैंड ओल्ड पार्टी लिखा है, जिससे साफ है कि उनका निशाना कांग्रेस की तरफ ही है। पीके ने यह भी लिखा है कि दुर्भाग्य से ग्रैंड ओल्ड पार्टी (कांग्रेस) की गहरी की समस्या और ढांचागत कमजोरी का कोई तात्कालिक समाधान नहीं है। 

टीएमसी के लिए कर रहे काम?
बंगाल विधानसभा चुनावों के बाद पीके ने औपचारिक तौर पर यह ऐलान किया था कि वह ममता बनर्जी के लिए काम नहीं कर रहे हैं। हालांकि, इस बीच के कछ घटनाक्रमों से यह संकेत मिले हैं कि कांग्रेस से बातचीत टूटने के बाद पीके पर्दे के पीछे रहकर ममता बनर्जी के लिए काम कर रहे हैं। हाल ही में गोवा के पूर्व सीएम और कांग्रेस नेता लुइजिन्हो फेलेरो टीएमसी में शामिल हुए। फेलेरो ने आधिकारिक तौर पर यह बयान दिया था कि चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर और उनके समूह IPAC ने उनसे ममता बनर्जी की पार्टी यानी टीएमसी में जाने के लिए संपर्क किया था। 

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