Modi & Shah don't want to Vasundhara as candidate of CM for Rajsthan
Modi & Shah don't want to Vasundhara as candidate of CM for Rajsthan

#Rajsthan Assembly Election# Central BJP# Central leadership Vs Vasundhara Raje# CM Ashok Gehlout# Rajsthan Politics# Ex HM Kailash Meghwal# Law Minister Arjunram Meghwal# Cong MP Gaurav Gogoi#

तो भाजपा की राजस्थान में हार तय है!
एक कहावत है कि जब बुरा वक्त आता है तो ऊंटपर बैठे आदमी को भी कुत्ता काट लेता वहीं हाल आजकल पीएम मोदी और भाजपा का हो रहा है। इस साल पांच राज्यों में चुनाव सिर पर हैं। राजस्थान में भी बगावत के सुर उठने लगे हैं। खासतौर से राजस्थान से भाजपा के लिये बुरी खबरें लगातार आ रही हैं। पहले राजस्थाना की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के तीखे तेवर से पीएम मोदी और अमित शाह हैरान परेशान हैं। इसी बीच राजस्थान बीजेपी से बड़े नेताओं ने भी बगावती सुर अलापने शुरू कर दिये हैं। पूर्व गृह मंत्री कैलाश मेघवाल को भ्रष्ट और चोर नंबर एक कह कर भूचाल ला दिया है। ये सब ऐसे समय पर हो रहा जब प्रदेश में विधान सभा चुनाव सिर पर है। वैसे भी प्रदेश में वसुंधरा की टक्कर का कोई भाजपा नेता नहीं है जो सीएम अशोक गहलौत को टक्कर दे सके। वैसे भी पिछले एक डेढ़ साल में कांग्रेस सरकार जनहित में काफी अच्छी योजनाओं को लागू किया इससे प्रदेश में गहलौत की छवि भी बन गयी है। पार्टी में भी किसी प्रकार की अंतर कलह नहीं दिख रही है।

EX CM Vasundhara Raje mate Cong MP Gauav Gogoi currenty at Udaypur airport. It's headache for Modi & Shah
EX CM Vasundhara Raje mate Cong MP Gauav Gogoi currenty at Udaypur airport. It’s headache for Modi & Shah

वसुंधरा ने बढ़ाये कांग्रेस की ओर कदम
भाजपा के रवैये से वसुंधरा अंदर ही अंदर काफी खिन्न दिख रही हैं। उनके समर्थक बस अपने नेता के इशारे का इंतजार कर रहे हैं। ये भी सुनने में आया कि भाजपा से बात न बनी तो वसुंधरा नया मोर्चा भी बना सकती हैं। लेकिन सिर पर चुनाव हैं और पार्टी बनाने में कम से कम चार माह का समय लग सकता है। ऐसे में उन्होंने कांग्रेस की ओर भी हाथ बढ़ाया है। वसुंधरा ने पने विश्वसनीस सांसद नेता के साथ कांग्रेस चुनाव समिति के सांसद गौरव गोगोई से मुलाकात की। यह मुलाकात काफी लंबी चली। बैठक में क्या बात हुई इसका तो खुलासा नहीं हुआ लेकिन ऐसे वक्त में विरोधी दल के नेताओं से मिलना इस बात का इशारा करती है कि वसुंधरा राजे मोदी और शाह के आगे झुकने से रहीं। इसके लिये भले उन्हें कांग्रेस से ही हाथ मिलाना पड़े। वसुंधरा और गौरव गोगोई की बीच हुई मुलाकात ने भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व को हिला कर रख दिया है।
अपने ही भाजपा की जड़ों में डाल रहे हैं मट्ठा
लेकिन हिन्दी पट्टी में उनके ही गढ़ में अपने ही बैंड बजाने पर तुले हैं। दरअसल केन्द्री भाजपा पूर्व सीएम वसुंधरा राजे से तालमेल नहीं बिठा पा रही है। वहीं राजे भी मोदी शाह से सेटिंग करने में इच्छुक नहीं दिख रही हैं। भाजपा इस बार वसुंधरा राजे को सीएम फेस नहीं बनाना चाह रही है। इसीलिये उन्हें पार्टी सगठन में उपाध्यक्ष बना दिया है ताकि राजस्थान में मोदी शाह अपने पसंदीदा नेता को सीएम बना सकें। इसीलिये राजस्थान विधान सभा चुनाव में कमान मोदी और शाह ने संभाल ली है। इतना ही नहीं विधान सभा चुनाव समिति का अध्यक्ष कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल को बनाया है। अन्य समिति में भी चेयरमैन वसुंधरा विरोधी नेता को बनाया गया है। वसुंधरा को खास जिम्मेदारी नहीं दी गयी है। इससे वसुंधरा समर्थकों में भी खास नाराजगी है। चर्चा तो इस बात की भी है कि यदि केन्द्र सरकार वसुंधरा को साइड कर चुनाव में उतरती है तो कांग्रेस के साथा वसुंधरा राजे को भी झेलना पड़ेगा।

भाजपा से निपटने को इंडिया चाक—चौबंद
पिछले दो माह से लगातार पीएम मोदी बौखलाहट में कुछ भी बोल रहे हैं। इंडिया गठबंधन का उन पर खासा प्रभाव देखा जा रहा है। वो कहीं भी जाते हैं वहां वो गठबंधन और उसके नेताओं को निशाने पर रख रहे हैं। कभी इडिया को आतंकवादी संगठन इंडियन मुजाहिदीन से जोड़ते हैं तो कभी उसकी तुलना ईस्ट इंडिया कंपनी से करते है। जिसने भारत को व्यापारी बन कर लूटा था। इतना ही नहीं इस बात को भी प्रचारित कर रहे हैं कि सब चोर भ्रष्टाचारी नेता अपनी खाल बचाने को इंडिया में शामिल हुए है। कानून की पकड़ से कोई बच न पायेगा। सभी नेताओं को घमंड हो गया है इसीलिये घमंडिया गठबंधन बनाया है। लेकिन ये सब कर वो इस गठबंधन को खुद प्रचारित प्रसारित कर रहे हैं। दरअसल अब पीएम मोदी को अपनी सत्ता जाती दिख रही है यही वजह है कि वो जो भी फैसला लेते हैं वो उनके लिये नया सिर र्दद साबित हो रहा है। उन्होंने यह तय किया कि वो देश में यूनिफार्म सिविल बिल लायेंगे। लेकिन उनकी हिम्मत नही पड़ रही है कि संसद में उसे पेश कर सकें। उनकी पार्टी में ही इसको लेकर मतभेद है। दूसरा वो भारत को हिन्दू राष्ट्र ऐलान करने की तैयारी भी कर रहे हैं कि उस पर भी एक राय नहीं बन पा रही है। ईडी सीबीआई और इनकम टैक्स के भरोसे वो अब बैठे नहीं रह सकते है।
मुंबई में इंडिया गठबंधन ने किये अहम् ऐलान
31 अगस्त और एक सितंबर को मीटिंग के समापन पर कुछ खास ऐलान किये। इसके साथ गठबंधन के सभी दिग्गज नेताओं ने साझा प्रेसवार्ता में अपने अपने विचार रखे। बिहार के सीएम नितीश कुमार ने यह कह कर हैरान कर दिया कि इंडिया गठबंधन की सरकार बनी तो मीडिया की गुलामी खत्म की जायेगी। आने वालेे समय में पत्रकार निष्पक्ष रूप से काम कर सकेंगे। उन पर सरकार का कोई दबाव नहीं रहेगा। आज के समय में मीडिया और संस्थानों के मालिक दोनों ही बंधुआ हो गये हैंं। सत्ता के दबाव में वो विपक्ष की बात को रखने में असमर्थ हैं। सत्ता के आगे कमर झुकाने वाले पत्रकार और मालिकों को हमारी सरकार में तन कर सीना ठोक कर काम करने का मौका मिलेगा। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने अपने चिरपरिचित अंदाज में मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि अब मीटिंग करने का वक्त नहीं है। अब ऐक्शन का समय आ गया है। मैं राहुल गांधी जी को आश्वस्त करता हूं कि पीएम मोदी और एनडीए को जवाबी टक्कर देते हुए इंडिया की सरकार आगामी आम चुनाव में बनानी है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मोदी पर कड़ा हमला करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार ने विशेष सत्र बुलाने का निश्चिय किया है लेकिन इससे पहले उन्होंने विपक्ष के नेताओं से कोई सलाह मश्वरा नहीं किया ये उनकी तानाशाही का ताजा मामला है। हम इसी ताना शाही के खात्मे के लिये एकजुट हुए है। ये सरकार देश के सौहार्द और एकजुटता को जड़ से खत्म् करना चाहती है। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हम सब एकजुट हो रहे हैं ये काफी खुशी की बात है। हमें इस बात नहीं भूलना चाहिये कि हमारा मुकाबला देश और दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी से है जेा हमारी एकता तो तोड़ने के लिये किसी भी हद तक गिर सकती है। इस बात को हम सभी को एक जुट रहना है।
राहुल गांधी ने मीटिंग की सफलता पर सभी राजनीतिक दलों के नेताओं और मुख्यमंत्रियों को बधाई देते हुए उनका आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि अगर हम सभी एकजुट हो कर आम चुनाव लड़ते हैं तो पीएम मोदी और भाजपा को आसानी से हरा सकते हैं। देश के हालात सुधारने के लिये हम सभी लोग इंडिया गठबंधन के बैनर तले इकट्ठा हुए हैं।
इंडिया गठबंधन का खौफ मोदी के सिर चढ़ा
इस गठबंधन का ही खौफ है कि वो रात दिन इसी के बारे में सोचते रहते हैं इस कारण वो रात में चैन से सो भी नहीं पा रहे हैं। उनका प्रयास है कि किसी तरह इंडिया गठबंधन में दरार पड़े इसलिये गोदी मीडिया कुछ न कुछ बेसिरपैर के मुद्दे चलवाते रहते हैं कि नितीश कुमार इस गठबंधन से जल्द ही किनारा कर एनडीए में जुडने वाले हैं। कभी यह दुष्प्रचार किया जाता है कि एनसीपी चीफ शरद पवार जल्द ही इंडिया को बाय बाय कर एनडीए में शामिल होने वाले हैं। लेकिन इंडिया गठबंधन की तीन बैठकें हुई हैं गठबंधन दिन ब दिन मजबूत हो कर सही दिशा में जाता दिख रहा है। ये भी भाजपा व मोदी के लिये सिर दर्द बनता जा रहा है।

Please also check given link

https://l.facebook.com/l.php?u=http%3A%2F%2Fnexonnews.com%2F%3Ffbclid%3DIwAR3EMVeo3IP9AIpbWCWRGbIrc1Wf2TkoOwfF6-gz8PlRvPGuWsgj-KLB6Ps&h=AT2Q7XjR6LKPD6QgOXv3AsB7h1p2IHxAtgIqff2Et88EBcxHvoz8X58sSk6eaN1XgZnANfCLgElwZsI4w2nWf6iLaSE_BiNldnxLzGicjhitLL18G-bWQloN1M_7utjZijFQ&__tn__=-UK-y-R&c[0]=AT1Sy1Q_0HeUbRP9Z0coO1BEfH8faQbdP7MaQaQLeaKiL1ysnevIppRjfHRxgWOLwyBygwnWO9FNmhBrVeuHbhdzwjUEIfbR798c__0Ohd-kiVtmCvJE-vDBztPIArFju6CFK6eT-K65u-uiti1LwXUF0cjITWs_O4rEnlgc1IeIXtCY668STFn-ncvHaSLdY3yYHGerciTPEKqYsDRyHU22H8a5yk7kSNSsQS78FGKG5Q

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here