बीते 2 अगस्त को कैशलेस और संपर्क रहित भुगतान के लिए e-RUPI को लॉन्च किया था। ई-रुपी मूल रूप से एक डिजिटल वाउचर है जो लाभार्थी को उसके फोन पर एसएमएस या क्यूआर कोड के रूप में मिलता है। यह एक प्रीपेड वाउचर है, जिसे लाभार्थी किसी भी केंद्र पर, जो इसे स्वीकार करता है, जाकर उसका उपयोग कर सकता है।

किन बैंकों से है साझेदारी: नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने ई-रुपी (e-RUPI)लेनदेन के लिए 11 बैंकों के साथ साझेदारी की है। ये बैंक हैं एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, इंडियन बैंक, इंडसइंड बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया।

इसे लेने वाले ऐप्स-भारत पे, भीम बड़ौदा मर्चेंट पे, पाइन लैब्स, पीएनबी मर्चेंट पे और योनो एसबीआई मर्चेंट पे हैं। इसमें जल्द ही ई-रुपी स्वीकार करने वाले और अधिक बैंकों के अलावा ऐप्स के शामिल होने की उम्मीद है।

ई-रुपी के लिए ये जरूरी नहीं:  ई-रुपी के लिए लाभार्थी के पास बैंक खाता होना आवश्यक नहीं है। यह एक आसान, संपर्क रहित भुगतान पाने की दो-चरणीय प्रक्रिया सुनिश्चित करता है, जिसमें निजी डिटेल साझा करने की भी आवश्यकता नहीं होती है।

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इसके अलावा ई-रुपी बुनियादी फोन पर भी संचालित होता है, इसलिए इसका उपयोग उन लोगों द्वारा भी किया जा सकता है जिनके पास स्मार्ट फोन नहीं है या उन जगहों पर जहां इंटरनेट कनेक्शन कमजोर है।



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