सभी पांच चुनावी राज्यों में राजनीतिक दल प्रचार में पूरी ताकत झोंक रहे हैं। वहीं उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा चुनावी हलचल देखने को मिल रही है। यहां एक चरण के मतदान संपन्न हो चुके हैं। अब 14 फरवरी को 9 जिलों की 55 सीटों पर मतदान होगा। इसको लेकर सभी राजनीतिक दल पूरी ताकत झोंक रहे हैं। आज इस चरण के लिए प्रचार का आखिरी दिन है। चुनावी हलचल से जुड़े हर अपडेट के लिए आप लाइव हिंदुस्तान के साथ जुड़े रहिए…
दूसरे चरण में भाजपा के लिए क्यों है चुनौती?
जानकारों के मुताबिक दूसरे चरण के चुनाव में उत्तर प्रदेश में भाजपा के लिए चुनौतियां ज्यादा बड़ी हैं। इन 55 सीटों पर मुस्लिम बहुलता है। इसके अलावा यहां मुस्लिम धर्मगुरुओं का भी असर माना जाता है। यहां बरेलवी और देवबंद दोनों ही हैं। दूसरे चरण में मुरादाबाद, रामपुर, संभल, सहारनपुर, अमरोहा, बिजनौर, बरेली, बदायूं और शाहजहांपुर जिले शामिल हैं।
कांग्रेस को एक और झटका
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को एक और झटका लगा है। यहां अमरोहा सदर सीट से कांग्रेस प्रत्याशी सलीम खान ने पार्टी छोड़ दी है। इससे पहले भी कांग्रेस की पोस्टर गर्ल पार्टी का साथ छोड़ चुकी हैं। पहले प्रियंका मौर्य ने पार्टी छोड़ी थी और इसके बाद वंदना सिंह ने भी साथ छोड़ दिया।
पिछली बार से तीन फीसदी कम मतदान
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान में पिछली बार के मुकाबले तीन फीसदी कम वोट पड़े हैं। 58 सीटों पर 623 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे थे। इन सीटों पर 64.56 फीसदी वोट पड़े। 2017 के चुनाव में भाजपा ने 58 में से 53 सीटें जीती थीं।







